पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • अल्ट्रासाउंड करा एएनएम ने खुद ही बता दिया लड़का है, केस दर्ज

अल्ट्रासाउंड करा एएनएम ने खुद ही बता दिया लड़का है, केस दर्ज

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
गर्भवतीमहिला के भ्रूण लिंग परीक्षण के मामले में रेवाड़ी की पीसीपीएनडीटी सेल की टीम ने सोमवार शाम को अलवर में छापेमार कार्रवाई की। इस दौरान अल्ट्रासाउंड सेंटर में खामियां नहीं मिलने से टीम को खास सफलता नहीं मिली, मगर लिंग जांच के लिए ले जाने वाली एएनएम पर गाज गिरी है। दरअसल एएनएम ने डॉक्टर का नाम लेकर बताया कि गर्भ में लड़का है।

आरोपी एएनएम के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया गया है। एएनएम के पास से 22 हजार रुपए बरामद करने की भी बात सामने आई है। यह एएनएम कोटकासिम ब्लॉक के करवड़ सब सेंटर में कार्यरत है और किशनगढ़बास के कुलताजपुर की रहने वाली है। अलवर में कार्रवाई करने वाली रेवाड़ी की टीम में पीएनटीडी प्रभारी डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. टीसी तंवर ड्रग्स कंट्रोलर हेमंत ग्रोवर शामिल रहे।

डिप्टी सीएमएचओ के अनुसार एएनएम सत्यवती ने गर्भवती महिला से 24 हजार में भ्रूण लिंग परीक्षण कराने का सौदा तय किया था। यह राशि उसने महिला से अग्रिम ही ले ली थी, लेकिन अलवर तक आने और जांच होने तक उसने दो हजार रुपए खर्च कर दिए।

क्योंकि महिला से पीसीपीएनडीटी सेल की टीम 22 हजार रुपए ही जब्त कर पाई। पूछताछ में एएनएम ने बताया कि उसने डॉक्टर को दिखाने, सोनोग्राफी की फीस आदि में दो हजार रुपए खर्च कर दिए।

किशनगढ़ से पीछा करते हुए अलवर तक पहुंची टीम

छापामारटीम ने डिकोय पेशेंट भेजकर लिंग जांच कराने के लिए कुलताजपुर निवासी एएनएम सत्यवती से संपर्क किया। रेवाड़ी की टीम गर्भवती महिला के बताए स्थान किशनगढ़बास से उनका पीछा करते हुए अलवर पहुंची। डिकोय पेशेंट उत्तरप्रदेश के हाथरस की इस गर्भवती महिला का भ्रूण लिंग परीक्षण कराने से पहले एएनएम अंबेडकर चौराहा स्थित एक अस्पताल में पहुंची। वहां डॉक्टर से सोनोग्राफी जांच की पर्ची बनवाकर शहर के भगत सिंह सर्किल स्थित सहारा डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंची। यहां एएनएम तो बाहर खड़ी रही और गर्भवती महिला जांच के लिए सेंटर में चली गई। इससे पहले सेंटर पहुंचते ही महिला का एफ-फार्म भरने की कार्रवाई पूरी कर ली गई। जांच के बाद 22 सप्ताह की गर्भवती महिला के बाहर आते ही एएनएम ने डॉक्टर की ओर से गर्भ में लड़का होने की झूठी जानकारी दी। टीम ने अस्पताल और सहारा डायग्नोस्टिक सेंटर की गतिविधियों पर नजर रखी। टीम ने सोनोग्राफी सेंटर की भी जांच की और सेंटर संचालक से भी जानकारी ली, मगर गतिविधियां सही पाई गईं। उल्लेखनीय है कि गर्भवती महिला ने फार्म-एफ में एक लड़की होना बताया, जबकि पूछताछ में उसने चार लड़की बताई हैं। डॉ. धर्मेंद्र ने बताया कि पकड़ी गई मिडियेटर महिला के खिलाफ रेवाड़ी के मॉडल थाना में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

खबरें और भी हैं...