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नई उद्यमी प्रोत्साहन नीति से राज्य में होगा संतुलित औद्योगिक विकास : डीसी डॉ. गर्ग

5 वर्ष पहले
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डीसीडॉ. यश गर्ग ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा घोषित की गई उद्यमी प्रोत्साहन नीति-2015 के सफल क्रियान्वयन से राज्य में संतुलित औद्योगिक विकास की दिशा तय होगी। जिससे प्रदेश में विकास के नए आयाम स्थापित होंगे। जिला स्तरीय ग्रीवेंस कमेटी के प्रतिनिधियों सदस्यों को चाहिए कि वे इस नीति को प्रदेश में सफलतापूर्वक लागू करने के लिए कार्ययोजना तैयार करें। डॉ. गर्ग सोमवार को कैंप कार्यालय में उद्यमी प्रोत्साहन नीति-2015 के क्रियान्वयन के लिए आयोजित बैठक में जिला स्तरीय ग्रीवेंस कमेटी के प्रतिनिधियों सदस्यों को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंंने कहा कि इस नई नीति के प्रभावी तौर पर कार्यान्वयन होने पर निश्चित तौर पर जहां बेरोजगारी दूर होगी, वहीं उद्यमों का समुचित रुप से विकास हो सकेगा तथा अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में पूंजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में निवेश करने वाले उद्योगपतियों उद्यमियों को राज्य सरकार द्वारा सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नई नीति से राज्य में निवेश के अवसर बढ़ेंगे तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। राज्य सरकार ने हरियाणा एंटरप्राइजेज प्रमोशन पॉलिसी लागू की है तथा पॉलिसी के तहत हरियाणा एंटर प्राइजेज प्रमोशन बोर्ड एक्जीक्यूटिव कमेटी, डिस्ट्रिक्ट लेवल क्लीयरेंस कमेटी और हरियाणा एंटरप्राइजेज प्रमोशन सेंटर बनाए गए हैं।

कंपनी प्रतिनिधियों ने रखीं मांगे

बैठकमें विभिन्न कंपनियों ने अपनी-अपनी मांगे समस्याएं भी रखीं, जिसमें मुख्य रूप से ऑनलाइन एप्लीकेशन का जवाब तुरंत ऑनलाइन देने, कर्मचारियों को बावल में ईएसआई अस्पताल की सुविधा, अपीलेट अथॉरिटी का कार्यालय पुन: गुड़गांव में स्थापित करवाना शामिल हैं। उन्होंने सभी कंपनियों को निर्देश दिए वे फायर सेफ्टी का पूरा ध्यान रखें तथा ठोस तरल कूड़े का संपूर्ण प्रबंध कराने का कार्य करें। इस मौके पर रेवाड़ी चैंबर्स ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष अमित स्वामी, सचिव विनोद जोशी, कोषाध्यक्ष रामपाल, सहसचिव अनुराधा सहित एचएसआईआईडीसी आईएमटी बावल, जिला एवं खाद्य आपूर्ति नियंत्रक विभाग, रीजनल ऑफिसर धारूहेड़ा, सहायक लेबर कमिश्नर रेवाड़ी, डीटीपी, खनन विभाग, वन विभाग, बिजली विभाग, डीईटीसी विभाग, जिला राजस्व विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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