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आखिरकार बावरिया गिरोह के 11 सदस्यों को हो ही गई उम्रकैद

8 वर्ष पहले
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रोहतक. किलोई गांव के मढ़ाक धाम (बाबा नागरदास) के महंत पप्पू की पांच साल पहले लूटपाट के बाद हत्या करने के मामले में बावरिया गिरोह के 11 सदस्यों को अदालत ने आजीवन कारावास व 12 हजार रुपए जुर्माना भरने की सजा सुनाई है।

जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है। एडीजे जगजीत सिंह की कोर्ट में गिरोह के सदस्य राजस्थान निवासी विनोद, विनोद उर्फ बाबू, यूपी निवासी राजू, राजेश, सुरेश, गुड़गांव स्थित पटौदी निवासी पप्पू, मंगू, राजेश, अर्जुन, शिवकुमार व टोहाना निवासी गंजा उर्फ कर्मा को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई गई।

किलोई गांव निवासी मुकेश कुमार ने 10 अक्टूबर 2008 को सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि रात को वह मढ़ाक धाम की धर्मशाला में सो गया। रात करीब ढाई बजे दरवाजा खटखटाने की आवाज सुनी। दरवाजा खोलने पर सामने एक दर्जन लोग हथियारों से लैस दिखाई दिए। इसके बाद उन्होंने उसे कमरे के अंदर बंद कर दिया। साथ ही दूसरे कमरे में सो रहे महंत पप्पू को बंधक बनाकर लूटपाट करने लगे।

विरोध करने पर आरोपियों ने महंत की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद 22 हजार रुपए की नकदी, तांबे के बर्तन, घड़ी व अन्य सामान लूट कर ले गए। मामले की सूचना मिलने पर तत्कालीन सदर थाना प्रभारी भारत भूषण पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

डकैती व हत्या का मामला दर्ज कर जांच-पड़ताल की। वारदात के सवा माह बाद पुलिस बावरिया गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार सकी। तभी से केस की सुनवाई जिला अदालत में चल रही थी। शुक्रवार को एडीजे जगजीत सिंह कोर्ट ने सभी 11 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 12 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में नामजद एक आरोपी राजू को अवैध हथियार रखने पर दो साल की अतिरिक्त सजा दी गई है।

फोटो- सजा सुनाए जाने के बाद दोषियों को कोर्ट से वापस लाते पुलिसकर्मी।