रेवाड़ी। बावल हलके के 16 गांवों की अधिग्रहित की गई 3664 एकड़ जमीन के अवार्ड के बाद मुआवजे को लेकर मच रहे बवाल के बीच एक और नया खुलासा हुआ है। राज्य सरकार के मंत्री, विधायक और भाजपा नेता यह दावा कर रहे हैं कि अगर किसान मना करें तो उनकी जमीन को अधिग्रहित नहीं किया जाएगा। जबकि केंद्र सरकार दिल्ली-मुम्बई इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर की परियोजना के तहत बावल क्षेत्र की 1200 एकड़ जमीन अधिग्रहित करने के लिए एक साल पहले ही राज्य सरकार को मुआवजा भेज चुकी है। ऐसे में किसानों के विरोध पर जमीन का अधिग्रहण नहीं होगा वाले बयान पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
इन सवालों पर घेरे में भाजपा नेता
> जबरन विरोध नहीं करना था तो 4 दिसंबर को 16 गांवों की इस 3664 एकड़ जमीन को अधिग्रहित करके अवार्ड घोषित क्यों किया गया?
> किसानों के भूमि अधिग्रहण के मुआवजे का अवार्ड नये भूमि अधिग्रहण कानून के नियमों के अनुसार बाजार भाव से चार गुणा ज्यादा घोषित क्यों नहीं किया गया?
> जब इस 3664 एकड़ जमीन में से 1200 एकड़ जमीन केन्द्र सरकार के कहने पर दिल्ली-मुम्बई इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर की परियोजना के अनुसार इंटीग्रेटेड मल्टी लाजिस्टिक हब विकसित करने के लिए अधिग्रहित की है, तब प्रदेश सरकार कैसे 1200 एकड़ जमीन का अधिग्रहण रद्द कर सकती है?
> केन्द्र सरकार ने इंटीग्रेटेड मल्टी लॉजिस्टिक हब विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार को अधिग्रहित की गई 1200 एकड़ जमीन की पूरी कीमत का भुगतान पिछले वर्ष ही कर दिया था। अब राज्य सरकार के पास केन्द्र सरकार को बावल में लॉजिस्टिक हब के लिए 1200 एकड़ जमीन देने के सिवाय कोई विकल्प ही नहीं है। तब ऐसी स्थिति में प्रदेश भाजपा सरकार किसानों के संतुष्ट ना होने पर इस जमीन के अधिग्रहण को कैसे रद्द कर सकती है?
भाजपा विधायक ने दोहराया, किसानों का हित सर्वोपरि
बावल विधायक डॉ. बनवारीलाल ने कहा कि किसानों का हित सर्वोपरि है। जहां तक 1200 एकड़ जमीन अधिग्रहित करने का सवाल है यह जरूरी नहीं है कि जमीन जबरन ली जाए। लोकेशन भी बदली जा सकती है। मुआवजा राशि रिव्यू करने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का गठन हो चुका है। उसका निर्णय आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
कप्तान ने फिर साधा निशाना
> हुड्डा और खट्टर में कोई अंतर नहीं
पूर्व सिंचाई मंत्री कप्तान अजय सिंह यादव जमीन अधिग्रहण मसले पर अब अपनी ही सरकार के मुखिया रहे भूपेंद्र सिंह हुड्डा व भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। कप्तान का कहना है कि तमाम विरोध और टकराव के बावजूद हुड्डा सरकार में सेक्शन 9 के नोटिस जारी हुए। रही सही कसर भाजपा सरकार पूरी कर रही है।
> विपक्ष बोला, गुमराह न करें
स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया कि सरकार और मंत्री झूठ बोलकर किसानों को गुमराह कर चुके हैं। एक साल पहले ही केंद्र राज्य सरकार के पास बावल की 1200 एकड़ जमीन का मुआवजा दे चुकी है। अब 4 दिसंबर को 16 गांवों की 3664 एकड़ जमीन को अधिग्रहित करके मुआवजा का अवार्ड घोषित करना पड़ा।