रोहतक। वैलेंटाइन डे काे यादगार पल में बदलने की तैयारी जोरशोर से चल रही है। शहर में 125 जोड़ों को परिणय सूत्र में बंधने के लिए इस दिन का बेसब्री से इंतजार है। मैरिज हॉल की बुकिंग
करने के साथ ही शादी समारोह की भव्यता के सारे इंतजाम किए गए हैं।
इजहार ए मोहब्बत के लिए मशहूर लाल गुलाब की डिमांड बढ़ गई है। दिल्ली की मंडी से ऊंचे दामों पर हजारों की तादात में देशी गुलाबों का आर्डर किया गया है। मंत्रोचारण के लिए वेदपाठी ब्राह्मणों को पहले ही आमंत्रित किया गया है।
ख्वाब को हकीकत में बदलने की तैयारी
पश्चिमी सभ्यता-संस्कृति की कोख से उपजे वैलेंटाइन डे ने रोहतक में भी धूम मचा रखी है। बाजारों में तरह-तरह के उपहार और परिधान सजे हैं, जिन पर सुबह-शाम भीड़ जमा है। लोग हैसियत से ऊपर जाकर खरीदारी में जुटे हैं। वैवाहिक बंधन में बंधने वाले कपल उतावले हो रहे हैं।
मैरिज हॉल पहले ही 14 फरवरी के लिए बुक कर लिए गए हैं। लग्जरी कार, बैंडबाजा और सजावट के लिए फूलों, झालरों का भी आर्डर किया गया है, ताकि ख्वाब को हकीकत में उतारा जा सके।
बिना मुहूर्त के लेंगे सात फेरे
वैलेंटाइन डे पर विवाह का कोई शास्त्रीय विधान नहीं है। हिंदू धर्म अथवा पौराणिक ग्रंथों मेें इसका जिक्र तक नहीं है। अपनी सुविधा और ग्लैमर की चकाचौंध में इस दिन को नई पीढ़ी ने प्रेम का सबसे बड़ा पर्व बना दिया है। अबूझ मुहूर्त का दर्जा देते हुए शादी के लिए दिन निश्चित किया गया है। इसके लिए ब्राह्मणों को आमंत्रित किया गया है। जिनके मधुर स्वर में मंत्राेच्चार के बीच विवाह की रस्म अदायगी होगी। हालांकि बिना लग्न मुहूर्त के ही नए जोड़े सात फेरे लेंगे।
14 को ही शहीद-ए-आजम भगत सिंह को सुनाई गई भी सजा
शहीद ए आजम सरदार भगत सिंह, उनके क्रांतिकारी साथी सुखदेव और राजगुरु को 14 फरवरी के ही दिन अंग्रेजी हुकूमत ने फांसी की सजा सुनाई थी। प्रबुद्ध लोगों की नजर में इन कालजयी महापुरुषों के बलिदान को भूलकर प्रेम की पींगे बढ़ाने मेें युवाओं को विश्वास नहीं करना चाहिए। यह मौका इन शहीदों के आचरण, व्यक्तित्व और कुर्बानी पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का है, जिससे नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाया जा सके।