सांपला. कंसाला फीडर को मंगलवार आधी रात तक चालू कर देने का तहसीलदार प्रमोद चहल का आश्वासन मात्र आश्वासन ही साबित हुआ। बुधवार को भी दिनभर लोग बिजली आने का इंतजार करते रहे, लेकिन 50 घंटे बीत जाने के बाद भी आधा दर्जन गांवों में बिजली के दर्शन नहीं हुए। कंसाला फीडर के 5 गांवों में 51 घंटे से और सांपला फीडर के 24 गांवों में बुधवार को कुछ घंटे ही बिजली आई।
पावर हाउस में बिजली, गांवों में घुप अंधेरा
गांवों में दो दिन से बिजली नहीं आई, लेकिन पावर हाउस में लगातार लाइट ऑन रही। कार्यालय में बिजली थी और सभी बल्ब जल रहे थे, लेकिन गेट पर ताला लटका हुआ था। दो दिन से अधिकतर फीडर ब्रेक डाउन पड़े हैं। उपभोक्ता शिकायत केंद्रों पर फोन करते रहे, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। बुधवार की दोपहर बाद आधे कस्बे में बिजली चालू हो सकी, जबकि जबकि ग्रामीण क्षेत्र में मंगलवार की देर शाम से ही बिजली गुल रही। बुधवार की शाम तक बिजली चालू नहीं हो सकी। डीसी रेट पर लगे कर्मचारियों ने फाल्ट दूर करने का प्रयास किया, लेकिन ब्रेक डाउन फीडर चालू नहीं हो पाए।
आगे की स्लाइड में पढ़ें पूरी खबर.....