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रोहतक पीजीआई में फिर दो मौत, डॉक्टर टस से मस नहीं

7 वर्ष पहले
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पंडितबीडी शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस, रोहतक) में रेजिडेंट्स डॉक्टरों की हड़ताल के कारण मंगलवार को दो और मरीजों की जान चली गई। बहादुरगढ़ के गांव माजरा के हरी की प|ी संध्या और जींद के विनय की मौत हुई। हड़ताल के पांचवें दिन तक नौ मरीजों की मौत के बाद भी तो डॉक्टर झुकने को तैयार हैं, ना ही पीजीआई प्रशासन विवाद सुलझाने को गंभीर दिख रहा है। वीसी डॉ. एसएस सांगवान खुद ही यह तो मान रहे हैं कि मरीजों की मौत के लिए वह नैतिक रूप से जिम्मेदार हैं। फिर भी हड़ताल खत्म कराने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। हड़ताल बुधवार को भी जारी रहेगी। -शेषपेज 11 पर

उल्लेखनीयहै कि पीजीआई इमरजेंसी वार्ड में आम दिनों में हर चौथे मिनट पर एक यानी हर घंटे 16 मरीज भर्ती होते हैं। लेकिन हड़ताल के कारण मंगलवार को वार्ड में पांच मरीज ही थे। स्वास्थ्य व्यवस्था इस तरह बदहाल हो चुकी है कि अब मरीज निजी अस्पतालों का रुख करने लगे हैं। वहीं, प्रबंधन ने पीजीआईएमएस में मीडिया के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।

वीसी की बैठक बेनतीजा

आरोपी की गिरफ्तारी होने तक डॉक्टर मानने को तैयार नहीं हैं। मंगलवार को वीसी डॉ. सांगवान ने हड़ताली डॉक्टरों के बदले सीनियर डॉक्टरों संग बैठक की। संस्थान प्रबंधन हड़ताल खत्म कराने को लेकर कितना गंभीर है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पांचवें दिन की इस बैठक के बाद भी हड़तालियों से कोई वार्ता नहीं की गई। सीनियर डॉक्टर हड़तालियों से मिलने भी नहीं जा रहे हैं। अब रेजिडेंट्स डॉक्टर्स हस्ताक्षर अभियान चला रहे हैं। -संबंधितखबर पुलआउट पर भी