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पेज एक का शेष

7 वर्ष पहले
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उल्लेखनीयहै कि पीजीआई इमरजेंसी वार्ड में आम दिनों में हर चौथे मिनट पर एक यानी हर घंटे 16 मरीज भर्ती होते हैं। लेकिन हड़ताल के कारण मंगलवार को वार्ड में पांच मरीज ही थे। स्वास्थ्य व्यवस्था इस तरह बदहाल हो चुकी है कि अब मरीज निजी अस्पतालों का रुख करने लगे हैं। वहीं, प्रबंधन ने पीजीआईएमएस में मीडिया के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।

डॉक्टरकी गिरफ्तारी की मांग : वहीं,अंकिता की मौत से नाराज डॉ. अंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन के प्रधान विक्रम डूमोलिया की ओर से कुलपति डॉ. एसएस सांगवान डीएसपी अनिल यादव को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें अंकिता की मौत डॉक्टर के लिए जिम्मेवार डॉक्टर के खिलाफ विभागीय और पुलिस कार्रवाई की मांग की गई।

चेहराछिपाने की कोशिशें भी : बुधवारको छठे दिन हड़ताल जारी रखने की घोषणा कर चुके डॉक्टर अब अपना चेहरा छिपाने के लिए भी प्रयास कर रहे हैं। उनकी योजना हड़ताल नहीं खत्म होने की स्थिति में विरोध स्वरूप रक्तदान शिविर लगाने की है। एक तरफ उनकी हड़ताल की वजह से मरीजों की जान जा रही है, तो दूसरी तरफ वे सुबह साढ़े 11 बजे से रक्तदान कर मानवीय चेहरा दिखाना चाहते हैं।

अगस्त2013 में प्रबंधन ने मांगी थी ये मांगें, नहीं हुआ अमल

>पूर्वसैनिक या निजी सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती हो।

>संस्थान में सेफ्टी अलार्म लगे, ताकि किसी घटना के बाद तुरंत डॉक्टरों को एकत्र किया जा सके।

>इमर्जेंसी वार्ड में 24 घंटे काम करने वाला सिक्योरिटी सेल स्थापित हो। साथ ही हरियाणा डॉक्टर सुरक्षा अधिनियम 2012 को अमल में लाया जाए आदि।

गोरक्षक...

क्या है मामला : निंबरीचौक पर शनिवार रात को कैंटर में पशु ले जा रहे मुरासलीम बेटे मुसरम और वीलाल के साथ मारपीट करने तीन हजार रुपए की लूट करने के आरोप में पुलिस ने लूट का मामला दर्ज कर 9 युवकों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें छाजपुर गांव का सुशील, आजाद, अनिश, सुशील कुमार, मनदीप, दीपक, राजकुमार, सागर मनोज शामिल थे। मामले में मंगलवार को सदर थाना पहुंचे गो रक्षा दल के प्रदेश उपाध्यक्ष आजाद आर्य अन्य पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने जानबूझकर 7 बेकसूर गो रक्षकों को फंसाया है। इसके बाद मामला बढ़ता चला गया। एसपी बी. सतीश बालन ने कहा कि पुलिस कार्रवाई गो भक्तों द्वारा लूट की वारदात और जीटी रोड जाम करने की वजह से की गई। वैसे प्रशासन ने मामले की मजिस