पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • नमक का लोटा और दो सरकार गिराने वाले चांदराम के खेल

नमक का लोटा और दो सरकार गिराने वाले चांदराम के खेल

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
राजनीतिके इतिहास में देश में पहली बार कांग्रेस सरकार गिराने वालों में शामिल रहे झज्जर के चौधरी चांदराम 92 की उम्र में किंग की जगह किंग मेकर बनने की ज्यादा इच्छा रखते हैं। प्रदेश के चुनावी दंगल में उतरने के लिए चांदराम ने 21 सितंबर को रविदास हॉस्टल में भारतीय समाज शक्ति पार्टी की मीटिंग बुलाई है, जिसके वे संरक्षक हैं। दैनिक भास्कर से पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदेश के पहले उप मुख्यमंत्री रह चुके चौधरी चांदराम ने सरकार बनाने से लेकर गिराने तक की पुरानी यादें ताजा कीं...

िडजाइन टीम : िवश्वजीत, धनेश मुंजाल, राहुल कुंुडू

छोटूराम से प्रभावित थे

चांदरामझज्जर के गांव खरहर के रहने वाले हैं। उनके पिता जमीन जोतते थे। सर छोटूराम से प्रभावित होकर राजनीति में आए। 1945 में डीएवी काॅलेज लाहौर से अर्थशास्त्र में एमए की। 1952 में झज्जर से एमएलए बने। पीएम गुलजारीलाल नंदा के कार्यकाल में जहाजरानी परिवहन मंत्री भी रहे। 92 साल के चांदराम पूरी तरह स्वस्थ हैं। उनके दो बेटे दो बेटी हैं। एक बेटी इंग्लैंड में बस गई। दूसरी बेटी के पति रिछपाल मेहरा ने 1977 में चुनाव लड़ने के लिए नौकरी से इस्तीफा दिया, लेकिन चांदराम ने चुनाव में उतरने से मना कर दिया।

अब क्या हालात लगते हैं

भूपेंद्रसिंह हुड्डा जाटों के और गैर जाटों के साथ

प्रदेशमें कांग्रेस के खिलाफ माहौल है। अब भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस तो जाट और ही गैर जाट की पार्टी रह गई है। मैं प्रदेश को कांग्रेस भाजपा का विकल्प देना चाहता हूं। इसके लिए भिवानी निवासी राजेंद्र के नेतृत्व में गठित भारतीय समाज शक्ति पार्टी का संरक्षक हूं। अगर पार्टी अगर चुनाव लड़ने के लिए कहेगी तो चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं। मेरी इच्छा किंग नहीं, बल्कि किंग मेकर बनने की है।

उपमुख्यमंत्री पद क्यों छोड़ा

लोटालेकर कसम खाई थी, इंदिरा ने कहा, छोड़ दिया पद, गिरा दी सरकार

पंडितभगवतदयाल शर्मा के इस्तीफे के बाद राव बीरेंद्र सिंह ने कांग्रेस के 17 विधायकों के सहयोग से सरकार बनाई। मैं प्रदेश का पहला उपमुख्यमंत्री बना। सभी विधायकों ने लोटे में नमक लेकर कसम खाई थी कि कोई भी विधायक पूंजीपति के घर खाना नहीं खाएगा। 249 दिन बाद राव ने यमुनानगर शुगर मिल के मालिक के घर खाना खा लिया। तब इंदिराजी के कहने से मैंने इस्तीफा दे दिया। राव की सरकार भी गिर गई।

का