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मामला उजागर होने के चार दिन बाद हुई एफआईआर
पीजीआईएमएसके वार्ड 12 की यूनिट नंबर दो में एक मंदबुद्धि महिला मरीज से दुर्व्यवहार का मामला उजागर होने पर प्रबंधन ने गुपचुप कार्रवाई शुरू कर दी है। 11 दिसंबर को रातों-रात ही महिला मरीज से छेड़छाड़ की एफआईआर दर्ज करवा दी। साथ ही शुक्रवार सुबह कार्यालय खुलते ही मामले से जुड़े सभी डॉक्टरों, नर्सों मरीजों के बयान दर्ज करवाए गए।
हैरानी इस बात की है कि जब मामला 7 दिसंबर की रात को घटित हुआ तो चार दिन तक मामले को दबाकर क्यों रखा गया? बता दें कि यह वार्ड 12 दिसंबर को मात्र एक दिन पहले ही सेवानिवृत हुए कुलपति डॉ. एसएस सांगवान का विभाग है। कहीं ऐसा तो नहीं कि कुलपति की सेवानिवृति में खलल पडऩे के डर से मामले को दबाकर रखा गया? जो भी हो अब मामले में लगातार खुलासे भी होने लगे हैं। पीजीआई प्रबंधन ने मामले का खुलासा होते ही तेजी से कार्रवाई करते हुए रात को ही पुलिस को बुला लिया और डीएमएस डॉ. रविंद्र साहू की मौजूदगी में जांच शुरू की गई। कुलपति की सेवानिवृत्ति के बाद संस्थान के सुरक्षा अधिकारी बादाम सिंह के बयान पर छेड़छाड़ का मामला पीजीआईएमएस थाने में दर्ज कर दिया गया। उधर, हेल्थ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. वीके जैन ने मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए मेडिकल बोर्ड गठित कर दिया गया है। इस बोर्ड में दो गायनी विभाग की डॉक्टर को शामिल किया गया है। शुक्रवार को पीड़ित की मेडिकल जांच भी करवा दी गई। अब रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में कोई खुलासा हो सकेगा। मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मी को निलंबित कर दिया गया था।
रोहतक. पीजीआईमें महिला से छेड़छाड़ के मामले की जांच करते एएसआई नरेंद्र कुमार।