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19 साल में क्लर्क से सुपरिंटेंडेंट दो से पचास हजार हुई सैलरी

7 वर्ष पहले
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वैश्यएजुकेशन सोसायटी में अपनों पर नजर-ए-इनायत करने की एक के बाद एक मामले सामने रहे हैं। किसी को मनचाहा पे-स्केल दे दिया तो किसी को एक साथ कई इंक्रीमेंट। मैनेजमेंट बदली तो पुरानी कारगुजारियां उजागर होने लगीं।

ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें एक कर्मचारी को 19 साल के अंदर क्लर्क से सुपरिंटेंडेंट बनाते हुए सेलरी 2 से 48 हजार रुपए कर दी गई। सेक्शन ऑफिसर की रिपोर्ट को लागू करते समय मामला सामने आया तो नई मैनेजमेंट ने कर्मचारी से दो दिन में रिपोर्ट मांगी है।

जांचके लिए कमेटी गठित

मामलासंस्था के पूर्व कार्यालय अधीक्षक विनोद गोयल का है। नई मैनेजमेंट ने उनके इंक्रीमेंट और वेतन स्लैब को देखते हुए मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया, जिसमें वैश्य लॉ कॉलेज के प्राचार्य मनीष भारद्वाज, वीटीआई के सेक्शन ऑफिसर गोबिंद राय और वैश्य कॉलेज के क्लर्क जितेंद्र अग्रवाल को शामिल किया गया है। टीम ने मैनेजमेंट को अपनी रिपोर्ट सौंपी तो उसमें तमाम अनियमितता मिलने पर फिर से वेतन और इंक्रीमेंट फिक्स करने की संस्तुति की।