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पहले जमानती बना, जेल से बाहर आते ही कर दी दोस्त संग हत्या

7 वर्ष पहले
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डेढ़साल पहले भिवानी जेल में बंद अपने दोस्त का बौंद कलां निवासी अनिल जमानती बना। इसके बाद अपने साथी राजकुमार के साथ मिलकर बाहर आते ही उसकी हत्या कर दी। शुक्रवार को सेशन जज सुशील कुमार की अदालत ने अनिल राजकुमार को आजीवन कारावास पांच-पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।

रणकौली गांव निवासी मोहन मारपीट के मामले में भिवानी जेल में बंद था, उसके खिलाफ दादरी थाने में केस दर्ज हुआ था। 19 फरवरी 2013 को बौंद कलां निवासी अनिल कुमार राजकुमार उसकी मां को लेकर दादरी कोर्ट चले गए, जहां अनिल अपने दोस्त मोहन के लिए जमानती बन गया। कोर्ट ने जमानत मंजूर कर ली। दोपहर बाद मोहन, उसकी मां, अनिल राजकुमार घर के लिए रवाना हुए। आरोप था कि रास्ते में अनिल राजकुमार ने कहा कि उन्हें किसी मामले में बाहर जाना है। ऐसे में मोहन को भी साथ ले जाते हैं। इसके बाद तीनों मोहन की मां को छोड़कर चले गए। अगले दिन मोहन का शव कलानौर के पास सड़क किनारे मिला। उसके सिर में तेजधार हथियार से वार किया गया था।

बताया जाता है कि रणकौली गांव के युवक शेरसिंह ने मोहन के शव की शिनाख्त की। उसके परिजनों को बुलाया गया, जहां मृतक के भाई राजकुमार के बयान पर पुलिस ने अनिल दूसरे आरोपी राजकुमार के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया। तभी से दोनों के खिलाफ जिला अदालत में हत्या का केस चल रहा था। शुक्रवार को कोर्ट ने आरोपियों को केवल दोषी करार दिया, बल्कि आजीवन कारावास की भी सजा सुनाई।