समझने में समय लगना स्वाभाविक
त्ता संभालते ही सरकारी नौकरियों की भर्ती पर तुरंत रोक लगाकर उन पर पुनर्विचार करना, प्रशासनिक अधिकारियों के व्यापक राज्यस्तरीय तबादले पिछली सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों की बढ़ाई रिटायरमेंट की आयु को पुन: 58 वर्ष करना, एेसे कई फैसले वर्तमान सरकार ने लिए। इन पर कुछ विरोध के स्वर भी उभरे। कुछ विरोधियों ने तो मनोहर सरकार पर अनुभवहीनता के आरोप भी लगाए।
व्यापक भ्रष्टाचार, सीमित क्षेत्रों तक विकास, गिरती विकास दर निरंतर बढ़ती महंगाई, लचर शासन व्यवस्था बढ़ते अपराधों का ग्राफ आदि अनेक जटिल समस्याओं को समझने में समय लगना स्वाभाविक था। इसके अतिरिक्त रामपाल के बरवाला स्थित आश्रम की समस्या को धैर्यपूर्वक जमानत का नुकसान पहुंचाए बगैर समाधान निकालना भाजपा सरकार की प्राथमिकता थी। पिछले दशकों में कृषि घाटे का सौदा बनती जा रही है। इसी संदर्भ में हरियाणा के किसान स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग कर रहे हैं। उन्हें आशंका है कि इस बार केंद्र सरकार कृषि का बजट बढ़ाने की बजाए 30 प्रतिशत कम करने जा रही है।
इसी प्रकार सरकारी कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बेचैन दिखाई देते हैं। आने वाले दिनों में प्रदेश सरकार को ऐसे कई विषयों को समझाना एवं सुलझाना होगा। इनके अतिरिक्त भाजपा द्वारा चुनाव के समय जारी किए गए अपने घोषणा पत्र की अनेक योजनाएं भी लागू करनी है। आगामी समय ही बताएगा कि मनोहर सरकार सुशासन एवं विकास के कितने आयाम स्थापित करेगी।
प्रो.विजय कायत}इतिहास विभाग,एमडीयू, रोहतक