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डीजीपी ने 12 बजे इनाम 5 लाख किया, 3 बजे 8 आरोपी गिरफ्तार
नेपालीयुवती से दुष्कर्म हत्या मामले को पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। सोमवार सुबह 12 बजे पहले डीजीपी यशपाल सिंघल ने मौका का मुआयना कर आरोपियों की सूचना देने पर इनाम राशि एक लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपए की। फिर दोपहर 3 बजे प्रेसवार्ता कर पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया। हालांिक गिरफ्तार आठ आरोपियों को मीडिया में पेश नहीं किया गया।
इनमें एक नेपाली मूल का और एक रिटायर्ड पुलिस कर्मी का बेटा है। वहीं फरार नौवें आरोपी ने देर शाम खुदकुशी की कोशिश की। उसे गंभीर हालत में दिल्ली के किसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खबर है कि उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पुिष्ट नहीं की है। डीजीपी ने बताया कि वारदात में नेपाली मूल का युवक संतोष भी शामिल है, जबकि बाकी आरोपी गांव गद्दीखेड़ी के हैं। यह गांव उसी थाने में आता है, जिसके अंतर्गत घटनास्थल है। गद्दीखेड़ी के राजेश, सुनील, सरवर, रिटायर्ड पुलिसकर्मी का बेटा मनबीर, सुनील, पवन, प्रमोद पकड़ गए हैं, जबकि सोमवीर ने खुदकुशी कर ली।
उधर, कृषिमंत्री ओमप्रकाश धनखड़ सोमवार को नेपाली युवती के परिजनों से मिले। उन्हें सांत्वना दी। मंत्री ने पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी जाएगी। मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाकर जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाएगा। धनखड़ ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए आगामी बजट में अलग से प्रावधान भी किए जाएंगे। शेषपेज | 13 पर
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यहहै मामला : मानसिक रूप से बीमार युवती से दिल्ली की निर्भया जैसी दरिंदगी : 28 वर्षीय नेपाली युवती के साथ “दिल्ली की निर्भया’ जैसी दरिंदगी की गई। वह करीब तीन साल से मानसिक रूप से बीमार थी। रोहतक के चिन्योट कॉलोनी में किराए पर रहने वाली उसकी बड़ी बहन दो माह पहले उसे पीजीआई में इलाज कराने के लिए लाई थी। 1 फरवरी को वह लापता हो गई। परिजनों ने पीजीआई थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। इस बीच, 4 फरवरी (बुधवार) को उसकी नग्न लाश पास के गांव बहु अकबरपुर में मिली। 6 फरवरी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो पता चला कि युवती के साथ क्रूरता की हदें पार कर दी गईं। डॉक्टरों के मुताबिक युवती के साथ दुष्कर्म-कुकर्म के अलावा उसको शारीरिक चोट पहुंचाई गई। उसके निजी अंगों पर घाव के निशान थे। शरीर के अंदर सीमेंट चादर के टुकड़े, पत्थर और कंडोम निकले। हैवानों ने रॉड के प्रहार करके मल-मूत्र द्वार को एक कर दिया। प्रदेश भर में इस हैवानियत के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हुए। लोगों ने कैंडल मार्च निकाला। युवती को श्रद्धांजलि दी।
पीएमओ ने दखल दिया तो शुरू हुआ एक्शन, उसी दिन रिजल्ट
योगेन्द्र सागर. रोहतक | परिजनोंने नेपाली युवती के लापता होने की शिकायत दी तो पुलिस ने कहा- फोटो जमा करा दो और जानकारी जुटाओ। पोस्टमार्टम में दरिंदगी की बात उजागर होने के चार दिन बाद तक पुलिस विभाग जांच टीमें बनाता रहा। सामाजिक कार्यकर्ता, आमलोग सड़कों पर उतरे, तब भी पुलिस आश्वासन ही देती रही। 5वें दिन सोमवार को पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) ने केस की स्टेटस रिपोर्ट मांगी तो रियल एक्शन शुरू हुआ। आनन-फानन में खुलासा भी। यही डीजीपी चार घंटे पहले आरोपियों का सुराग देने पर इनामी राशि बढ़ाते हैं। फिर कहते हैं-प्रेस कांफ्रेंस जल्दबाजी में कर रहा हूं। हर प्वाइंट पर ब्रीफ करना संभव नहीं। जाहिर है कि इस केस में पुलिस की कार्यप्रणाली में कहीं कहीं घेरे में है। डीजीपी के मुताबिक युवती का अपहरण नहीं हुआ। वह खुद घर से गई और गलत हाथों में पड़ गई। 9 लोगों ने वारदात को अंजाम दिया। ज्यादातर सवालों को वे टालते नजर आए। यहां तक कि आरोपियों को भी मीडिया के सामने पेश नहीं किया गया। गिरफ्तारी की तस्वीर बाद में मेल के जरिए भेजी गई। जबकि खुलासे से पहले घटनास्थल के दौरे के समय पत्रकारों से इत्मीनान से रू-ब-रू हुए थे।
कृषि मंत्री धनखड़ पीड़ित परिवार से मिले, पांच लाख की मदद देने का ऐलान