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फुटेज में नजर आया एक संदिग्ध, नहीं हुई पहचान
एकलाख अंगूठी लूटने के बाद आजाद गढ़ निवासी रिटायर्ड लेक्चरर ओमकार शर्मा को बैंक के पीछे फेंकने के मामले में पुलिस को अभी तक महत्वपूर्ण सुराग नहीं लग सका है। पुलिस ने मंगलवार को पीड़ित के परिजनों की मौजूदगी में बैंक के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो एक संदिग्ध व्यक्ति तो सामने आया, लेकिन चेहरा साफ होने के कारण उसकी पहचान नहीं हो सकी। वहीं पीड़ित को चौथे दिन होश तो आया, लेकिन बयान दर्ज कराने की स्थिति में नहीं है।
बैंकके अंदर नहीं दिखा कोई संदिग्ध
ओमकारशर्मा के पुत्र संदीप ने बताया कि फुटेज में बैंक के अंदर कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर नहीं आया है। उसके पिता ने कोर्ट के पास स्थित एसबीआई की मेन ब्रांच से दोपहर 12.55 बजे एक लाख रुपए पैसे निकाले और फिर वहीं बैठकर नोटों की गिनती की। बैंक में प्रवेश से लेकर बाहर निकलने तक पिता के आस-पास कोई संदिग्ध नहीं दिखा।
बैंकपरिसर में खड़ी साइकिल बाहर मिली
संदीपने बताया कि लापता होने के बाद तलाश करने पर शनिवार को उसके पिता की साइकिल बैंक के सुभाष चौक वाली साइड में परिसर से बाहर खड़ी मिली थी, जबकि फुटेज में उसके पिता ने साइकिल बैंक परिसर में ही खड़ी की थी।
आज फिर देखी जाएगी फुटेज
ओमकारशर्मा बैंक से बाहर आने के बाद कोर्ट वाली साइड में स्थित एक फोटो स्टेट की दुकान पर ड्राइविंग लाइसेंस रिन्युअल कराने के लिए फार्म लेने गए। वहां से लौटते वक्त सफारी सूट पहने एक व्यक्ति संदिग्ध दिखाई दे रहा है, जो ओमकार शर्मा के इर्द-गिर्द रहा, लेकिन फुटेज में चेहरा साफ आने के कारण उसकी सही तरह से पहचान नहीं हो सकी। संदीप ने बताया कि बुधवार को एक और कैमरे की फुटेज देखी जाएगी।