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भगवान की भक्ति से ही पिघलती है मन की कठोरता : केशव कृष्ण
पितरोंके लिए शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन रविवार को डेरा बाबा बालक पुरी से कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ हिस्सेदारी की। महिलाओं ने भजन कीर्तन के साथ भगवान के जयकारे लगाए तो ढोल नगाड़े की थाप पर लोगों ने नृत्य किया।
बाबा कर्णपुरी महाराज के नेतृत्व में निकाली गई शोभायात्रा में 51 महिलाएं मंगल कलश रखकर आगे चल रही थीं। उनके साथ-साथ सैकड़ों की संख्या में भक्त आगे बढ़ते रहे। डेरा बाबा बालक पुरी से प्रारंभ होकर शोभायात्रा चिन्योट कॉलोनी, श्रीनगर कॉलोनी, नेता जी नगर होती हुई कथा स्थल दावत बैंकट हॉल पहुंची। इस अवसर पर कथा वाचक केशव कृष्ण महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा का महात्म्य समझाया। भक्ति के बिना मनुष्य के स्वभाव में कठोरता जाती है।
इससे बचने का उपाय श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन में सम्मिलित होना है। कथा में ही समस्याओं का स्थाई समाधान मिलता है। चाहे वह लौकिक हों या पारलौकिक। कलश यात्रा के दौरान राधा सेवा मंडल के ऋषि पाल वर्मा, डॉ. जयपाल वर्मा, राकेश लाल, सुरेंद्र विश्वास, एसके लाइट, भूपेंद्र रोहिला, राजकुमार, मोहित खन्ना आदि ने सराहनीय सहयोग किया।
रोहतक. बाबाबलकपुरी डेरे में आयोजित कथा से पूर्व कलश यात्रा निकालते श्रद्धालु।