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युवा पीढ़ी दिशाहीन हो, इसके लिए सामूहिक प्रयास जरूरी

7 वर्ष पहले
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स्वस्थएवं समुन्नत भारत का सपना युवाओं पर ही निर्भर है। युवा पीढ़ी दिशाहीन हो, इसके लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्हें हिंदुस्तानी परंपरा संस्कृति से जोड़ने और उसकी वैज्ञानिकता समझाने की जरूरत है। इसके लिए 5000 गांवों तक जाने की योजना बनाई गई है।

दीवाली के बाद इस कार्यक्रम की शुरुआत होगी। यह कहना है एस्ट्रो अंकल के नाम से मशहूर पवन सिन्हा का। वे दिल्ली रोड स्थित एक कार्यक्रम में रविवार को अनुयायियों से रूबरू हो रहे थे। युवाओं को बताया जाएगा कि कैसे राष्ट्र की संस्कृति को प्रदूषित करने का षड्यंत्र बन रहा है। हरिद्वार से इस अभियान का श्रीगणेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भौतिक आध्यात्मिक उन्नति के लिए संयमित जीवन जीना होगा। इसके बिना संभावनाएं मूर्तरूप नहीं ले सकेंगी। दिनचर्या और खान-पान इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं। इस दृष्टि से दूध पूर्ण आहार है। उसमें औषधीय क्षमता भी है, लेकिन सूर्य के प्रकाश में ही दूध गुणकारी होता है। उन्होंने कहा कि बदलते परिवेश में हमारा आहार व्यवहार सब कुछ बदलता जा रहा है। ऋषि परंपरा हम भूल चुके हैं। जंक फूड, मांसाहार के भरोसे भविष्य संवारने का मिथक आने वाले 20 वर्षों में टूटने जा रहा है।

इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों के प्रश्न मुख्य रूप से मानसिक स्थितियों पर केंद्रित रहे। उन्होंने उदाहरणों से समझाया। बताया कि तप से तन, मन और शरीर शुद्ध होता है। हफ्ते में एक दिन अन्न छोड़कर धीरे धीरे साधना बढ़ानी चाहिए। इससे आत्मिक विकास होता है। इस मौके पर राकेश डबास, सुनील अग्रवाल, गौरव राठी, बाबी , रामऋषि और राजीव भाटिया आदि उपस्थित रहे।

पवन सिन्हा।