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सहमी छात्राएं बोलीं, हॉस्टल में अकेले लगता है डर

7 वर्ष पहले
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एमडीयूके कृष्णा गर्ल्स हॉस्टल रूम नंबर 26 में शाम 4 बजे हुई घटना से हॉस्टल की बाकी लड़कियां सहमी हुई हैं। अभिलाषा हॉस्टल परिसर में 8 हॉस्टल हैं। घटना के बाद से सभी छात्राएं समूह बनाकर ही रह रही हैं। दहशत के चलते रात होते ही कमरा छोड़ने की बात भी आम हो गई। छात्राएं इतनी डरी हैं कि वह यह तक कह रहीं है कि हमें रात भर नींद आएगी।

खुशमिजाजथी रीना : रीनाके स्वभाव से हॉस्टल में सभी खुश थे। पिछले 9 माह से वह हॉस्टल में सबसे साथ घुल-मिलकर रहती थी। वहीं मनोचिकित्सक विभाग के डॉ. राजीव डोगरा कहते हैं कि रीना में बचपना काफी था, एक दिन वे पार्किंग से कार निकाल रहे थे तभी रीना आई और खिड़की का शीशा नीचे करने का इशारा किया। जैसे ही खिड़की का शीशा नीचे किया तो बोली, सर गुड मार्निंग और चली गई। ये देखकर मैं हैरान हो गया।

बेहोशहुई छात्रा, नहीं छोड़ रही किसी को अकेला : घटनासे छात्राएं इतनी डर गई हैं कि उन्हें अकेले कमरे में जाने में डर लग रहा है। जिसके कारण वह ग्रुप बनाकर बैठी हैं। यही नहीं रात को भी वह कमरे में अकेले रहकर 3 या 4 लड़कियों के ग्रुप मे रहने की बात कह रही हैं। वहीं घटना सुनकर यमुना हॉस्टल की एक छात्रा बेहोश हो गई।

हॉस्टलछात्राओं को दी काउंसलिंग :घटना के बाद सात बजे हॉस्टल की सभी छात्राओं को एकत्र कर हॉस्टल प्रबंधन ने उनकी काउंसलिंग की। इसमें उन्हें समझाया गया कि परेशानियां सबको होती हैं, लेकिन किसी भी समस्या का हल आत्महत्या नहीं है।

हॉस्टल में वारदात के बाद कमरों के बाहर खड़ी छात्राएं।

छात्रा की खुदकुशी की सूचना मिलने के बाद बैठक करते हेल्थ विवि के कुलपति डॉ. एसएस सांगवान अन्य पदाधिकारी।

कमरा नंबर 26 में घटना स्थल पर जांच करती पुलिस।

छात्रा के लैपटॉप मोबाइल फोन को बरामद कर ले जाती पुलिस।