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मंजूरशुदा परियोजना रोकी तो डीसी पर भड़के सांसद

6 वर्ष पहले
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सांसद दीपेंद्र हुड्डा विकास कार्यों से संबंधित कुछ मंजूर परियोजना को रोकने पैसा वापस करने पर डीसी आशीष विद्यार्थी पर भड़क गए। विकास कार्यों की समीक्षा के लिए बुलाई बैठक में सांसद बोले कि मुझे सारे प्रोजेक्ट की लिस्ट दो जो मंजूर हैं, पैसा मंजूर हुआ फिर भी काम नहीं हुआ। यह कैसी सरकार है? क्या अब जानकारी लेने के लिए आरटीआई लगानी पड़ेगी। नोट कर लो, इस पर कड़ा एतराज जताते हैं, ऐसा नहीं चलेगा। डीसी कुछ चुप दिखे तो सांसद ने कहा कि आपको भी चंड़ीगढ़ से ही पूछना पड़ेगा। दीपेंद्र ने अधिकारियों की मौजूदगी में ही बैठक में परियोजना रोकने के लिए सरकार को कोसा।

दरअसल, शनिवार को सांसद की अध्यक्षता में डीआरडीए के कांफ्रेंस हाल में जिला विजिलेंस एवं मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक की गई। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत एनएचएआई, एनसीआर प्लानिंग बोर्ड और राज्य सड़क निधि से बनने वाली सड़कों को भी बैठक के एजेंडे में शामिल किया जाए। शहर का बाईपास भी अटका पड़ा है, उसे पूरा किया जाए। इसी दौरान जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति के अध्यक्ष एवं सांसद दीपेंद्र हुड्डा को पता चला कि पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा मंजूर कुछ विकास कार्यों पर सरकार ने रोक लगा दी है। फिर क्या था, सांसद भड़क गए और डीसी से रूबरू होते हुए इस बात पर रोष जताया कि मंजूरशुदा विकास कार्य ही रोक दिए गए हैं। वे बोले कि ऐसा कभी नहीं होता कि मंजूरशुदा विकास कार्य ही रोके जाएं।

कांग्रेसऔर इनेलो का दिया उदाहरण

सांसददीपेंद्र ने उदाहरण दिया कि जब वर्ष 2005 में कांग्रेस पार्टी प्रदेश में सत्तारूढ़ थी तब उसने तत्कालीन इनेलो सरकार के बिना मंजूर हुए कार्यों को भी पूरा करा दिया था। इसमें देवीलाल यूनिवर्सिटी सिरसा भी शामिल है। यह उदाहरण देने के बाद वे बोले कि डीसी साहब आखिरकार मंजूरशुदा विकास कार्य क्यों रोके गए, इसका जबाव दो, लेकिन डीसी चुपचाप रहे।

चारदिन में मिले मकान की किश्त : जिलेमें पूर्ववर्ती भूपेन्द्र हुड्डा सरकार ने गरीब परिवारों को प्रियदर्शिनी आवास योजना के अंतर्गत 4560 आवासों की मंजूरी दी थी, इसमें पहली और दूसरी किश्त लाभार्थी परिवारों को समय पर मिल गई, लेकिन विधानसभा चुनाव के बाद नई सरकार ने आगे के भुगतान पर अघोषित रोक लगा दी है। 80 फीसदी का मकान मेंं दीवारें खड़ी हैं, छत नहीं डल पा रही। सांसद ने डीसी को 4 दिन का समय देते हुए कहा कि 36 बिरादरी के गरीब परिवारों को छत देने की पूर्ववर्ती सरकार की योजना को समयबद्ध ढंग से हर हाल में पूरा किया जाए और बकाया किश्तों को तुरंत जारी किया जाए इस बैठक में कलानौर की विधायक शकुंतला खटक, नगर निगम की मेयर रेणु डाबला, सीनियर डिप्टी मेयर मंजू हुड्डा, डीडीपीओ अजय मिश्रा, लोक निर्माण विभाग के एसई प्रदीप रंजन, सिविल सर्जन डॉ. शिव कुमार, जनस्वास्थ्य अभियान्त्रिकी विभाग के एक्सईएन टीआर पंवार, डीआरडीए के परियोजना अधिकारी वेदप्रकाश आर्य जयपाल शर्मा उपस्थित रहे।

बिजली का मुद्दा उठाते ही गुल हो गई बत्ती

सांसदने कहा कि प्रदेश में बिजली की भारी कमी है, वहीं कारखाने हैं, वहीं पावर परचेज एग्रीमेंट हैं। सुप्रीम कोर्ट अडाणी ग्रुप को भी आदेश दे चुका है। फिर बिजली कहां गई। प्रदेश सरकार इस पर तुरंत कार्रवाई करें। इस मुद्दे को उठाते ही दोपहर एक बजे बैठक में बिजली चली गई और विधायक शकुंतला खटक बोली, चली गई बिजली।

निर्मल भारत के साथ जोड़ा स्वच्छ भारत

निर्मलभारत अभियान के साथ सलेश लगाकर स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण को जोड़ दिया गया है। केवल नाम बदलना ठीक नहीं है। इस पर अधिकारी ने जवाब दिया कि इसमें राशि बढ़ा दी गई है। सांसद बोले, मनरेगा में दिहाड़ी बढ़ाने का मतलब ये नहीं है कि उसका भी नाम बदल दिया जाए। नीति बनाने वाले को सोचना चाहिए।

रेलमंत्री के गांव की सड़क का पैसा वापस

दीपेंद्रने कहा कि गांव निंदाना रेलमंत्री सदानंद गौड़ा ने गोद लिया है। उनके गांव के लिए पहले की सरकार ने भालौठ से पोलंगी की सड़क मंजूर कवाई थी। इसका करीब 4 करोड़ रुपए भी पास हुआ है। अब अचानक ऐसा क्या हो गया कि पैसा वापस करना पड़ रहा है। ये कैसी सरकार है। इस दौरान अधिकारी आपस में ही बात करने लगे तो सांसद बोले, आपस में गोल-मोल करों, मुझे भी बताओ। पहली बार ऐसा देखा है कि आए हुए पैसे को वापस किया जा रहा है। इस नीयत से सरकार नहीं चलेगी।

बैठक में ये भी रहा खास

नसीहत: प्रदेशमें किसी का भी जायज काम रोका जाए। किसी के काम को राजनीतिक दृष्टि से ना देखा जाए। सभी अधिकारी भी तत्परता से मदद करें।

सराहना: निर्मलभारत में ही स्वच्छ भारत जोड़ा गया है, लेकिन वाकई में स्वच्छ भारत की नई सोच है, ये तभी सही होगा, जब गांव स्तर सीवरेज सॉलिड लिक्विड प्लांट लगेंगे।

सुझाव: हरियाणाके हिस्से का पानी प्रदेश को मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री को इस पर जवाब देना होगा। पंजाब में सरकार भी है, बादल से बात कर दिल्ली के लिए नहीं प्रदेश को भी पानी दिलाएं।

आपत्ति: खट्टरसरकार आम जनता से रोजगार का अधिकार छीन रही है। यही कारण है कि मनरेगा के अंतर्गत धन आवंटन में हीला-हवाली की जा रही है और योजना के तहत रोजगार देने के लक्ष्य को घटाया जा रहा है।

रोहतक. जिलाविकास भवन में अधिकारियों की बैठक लेते सांसद दीपेंद्र हुड्डा। इस दौरान सांसद ने िबजली समस्या का जिक्र किया तभी बत्ती गुल हाे गई।