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दो कदम चलने में असमर्थ साढ़े तीन किमी दूर बुलाया

6 वर्ष पहले
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पार्षद के घर के सामने प्रदर्शन, विधायक को ज्ञापन

बदलेनिजाम का बैंक के जरिए पेेंशन देने का नया फरमान वार्ड नंबर एक के बुजुर्गों के लिए आफत बन कर आया है। बैंक इंडस्ट्रियल एरिया में है, जहां पहुंचने के लिए उन्हें साढ़े तीन किलोमीटर की दौड़ का फिजिकल टेस्ट देना होगा। वह भी रेलवे ट्रैक से होकर या फिर ओवर ब्रिज पर रफ्तार में गुजर रहे भारी वाहनों के चलकर।

ऐसा उन्हें करना होगा, जिन्हें दो कदम चलने के लिए भी सहारे की जरूरत होती है। सैनी आनंदपुरा के धर्मशाला में सैकड़ों की संख्या में बुधवार को पेंशनधारक दिन भर जमा रहे। वे सब हमेशा की तरह इस बार भी पेंशन वहीं बांटने की मांग कर रहे थे। पेंशन गई है और वह वितरित की जाएगी। इसकी सूचना पर इंदिरा कॉलोनी, नेहरू कॉलोनी, शास्त्री नगर, सूर्य नगर, सैनी आनंदपुरा, संजय कॉलोनी, शिव कॉलोनी एवं रूप नगर के सैकड़ों पेंशनधारक सैनी आनंदपुरा धर्मशाला में पहुंच गए। वहां सूचना मिली कि इस बार पेंशन इंडस्ट्रियल एरिया स्थित स्टेट बैंक के माध्यम से वितरित होगी। इस पर वे परेशान हो गए। सैनी आनंदपुरा क्षेत्र की आधा दर्जन कॉलोनियां हिसार हर्इवे और रेलवे ट्रैक से घिरी हैं। इंडस्ट्रियल एरिया में जाने के लिए या तो सीधे रेलवे ट्रैक पार करना होगा अथवा साढ़े तीन किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ेगा। तब जाकर बैंक तक पहुंचना सकेंगे। पहला रास्ता रेलवे ट्रैक से होकर है, जहां रेल की पटरियों को सीधे जंप करना होगा। दूसरे रास्ते से संजय कॉलोनी से ओवरब्रिज होते हुए हिसार बाईपास चौक जाना होगा। वहां से तेज रफ्तार से दौड़ रहे वाहनों के बीच से बच बचाके बैंक जाना मजबूरी है। वार्ड नंबर में बुढ़ापा पेंशन के 702, विधवा पेंशन के 503, विकलांग पेंशन के 106, निराश्रित बच्चों के पेंशन के 142, 18 वर्ष से नीचे स्कूल जाने वाले बच्चों के 19 एवं लाडली पेंशन के 14 धारक हैं। इन सभी पेंशन धारकों को बैंक जाने पर ही पेंशन मिलेगी।

बुजुर्गों ने चेतावनी दी कि उन्हें पहले की तरह मोहल्ले में पेंशन देने का प्रबंध नहीं किया तो वे शनिवार को हिसार रोड पर जाम लगाएंगे। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी तब तक धरनास्थल से नहीं हटेंगे।

बैंक से एक दिन में 100 लोगों को ही मिल पाएगी पेंशन

इंडस्ट्रियलएरिया स्थित स्टेट बैंक के मैनेजर गुरुप्रीत सिंह ने बताया कि वार्ड नंबर एक के पेंशनधारकों को उन्हीं की बैंक शाखा से पेंशन का वितरण किया जाएगा, लेकिन बुधवार की दोपहर तक लिस्ट उन्हें नहीं मिली थी। शाम तक लिस्ट मेल पर आने की बात कही जा रही है। बुजुर्गों को पैसों का भुगतान करने में समय लगता है। एेसे में एक दिन में मात्र सौ धारकों को ही पेंशन का वितरण हो पाएगा।

बैंक से नाम नदारद, भटक रही महिलाएं

इंडस्ट्रियलएरिया स्थित स्टेट बैंक पहुंची कृष्णा देवी, सुनीता, हरिविंदर कौर तथा राजबाला ने बताया कि उनका नाम बैंक के रिकाॅर्ड में दर्ज नहीं है, जबकि उनके पास सारे जरूरी कागजात हैं। पूछने पर बैंक कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि चूक ऊपर के लेवल से हुई है। सरकार की ओर जो पेंशन धारकों के नाम की लिस्ट उन्हें मिलती है, उसी के अनुसार वे पेंशन बांटते हैं।

बुजुर्गों की कहीं नहीं हो रही सुनवाई

^बैंकका दूर होना पेंशन धारकों के लिए सबसे बड़ी समस्या है। लगभग 1500 पेंशनधारकों को रेलवे ट्रैक या फिर ओवर ब्रिज से होकर बैंक तक जाना मजबूरी है। इस समस्या को लेकर नगर निगम और जिला प्रशासन के आला अफसरों से मुलाकात की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल सका है। पेंशनधारकों को रोज एक ही सवाल है कि उनकी पेंशन पहले वाली जगह पर ही बांटी जाए। चलने-फिरने में लाचार लोग बैंक तक नहीं पहुंच पाएंगे। -राजवीरसैनी, पार्षद वार्ड नंबर एक।

मोहल्ले में मिलनी चाहिए पेंशन

^हमबूढ़े लोगों का चलना-फिरना मुश्किल से हो पाता है। पेंशन के लिए बैंक तक जाना कैसे हो पाएगा। सरकार को चाहिए कि पुरानी व्यवस्था के तहत पेंशन मोहल्ले में दिलवाई जाए, जिससे हम जैसे बुजुर्गों को राहत मिल सके। -रामरती।

पेंशन नजदीक के बैंक से दिलवाई जाए

^दोनोंपैर खराब होने से चलना असंभव है। पहले घर के पास में ही पेंशन मिल जाती है। सरकार की नई व्यवस्था से गरीब, मजबूर लोगों को कठिनाई उठानी पड़ रही है। नजदीक के किसी बैंक से पेंशन दिलवाने का इंतजाम होना चाहिए। -सुनीता।

बिना सहारे खड़ा भी नहीं हो सकता

^पेंशनके लिए बैंक तक जाना कठिन है। बीमारी के कारण देर तक खड़ा रहना बहुत मुश्किल है। जब ठीक से खड़ा नहीं हुआ जाता तो चल कैसे पाऊंगा। बैंक जाने का रास्ता भी ठीक नहीं है। इतने कठिन से होकर पेंशन कैसे मिल पाएगी। -सुभाषसैनी।

बीमार पति को बैंक तक ले जाना मुश्किल

^पतिकी तबीयत तीन साल से खराब है। वे बिस्तर ही पड़े रहते हैं। पहले उनको चारपाई समेत उठाकर आनंदपुरा धर्मशाला में ले आने पर पेंशन मिल जाती थी, लेकिन अब रेल पटरी पार कर ले जाना असंभव है। पेंशन से ही घर का खर्चा चलता है। -मायासिंह

रोहतक.श्री नगरकॉलोनी स्थित पार्षद अनिता मिगलानी के निवास पर बैंक दूर होने की शिकायत देने पहुंचे पेंशनधारक।

रोहतक. सैनीधर्मशाला में पेंशन लेने के लिए रेलवे पटरी को पार कर जातीं महिलाएं।

रोहतक. पेंशनना मिलने के कारण सरकार के खिलाफ सैनी धर्मशाला के बाहर नारेबाजी करती बुजुर्ग महिलाएं