लगे लाइन, समय पर पहुंचें डॉक्टर
पीजीआईकी नई ओपीडी में मरीजों को अब अल्ट्रासाउंड की पर्ची के लिए मारामारी नहीं करनी पड़ेगी। इस मामले में हेल्थ विवि के कुलपति का कार्यभार संभालने के बाद डॉ. वीके जैन ने डॉक्टरों को कड़े निर्देश दिए हैं।
शनिवार सुबह चौधरी रणबीर सिंह ओपीडी में पहली बार औचक निरीक्षण करने पहुंचे डॉ. जैन उस वक्त हैरान हो गए, जब उन्होंने अल्ट्रासाउंड कराने आई महिलाओं को लंबी-लंबी कतारों में इंतजार करते देखा।
इस दौरान पूछताछ में पता चला कि 10 बजे डॉक्टर के आने के बाद मरीजों की जांच की पर्ची बनेगी। ये सुन डॉ. जैन भड़क उठे। उन्होंने तत्काल संबंधित विभाग को आदेश देते हुए समय पर डॉक्टर के उपस्थित होने और मरीजों की लाइन दोबारा दिखाई देने की बात कही। औचक निरीक्षण की टीम में डीएमएस डॉ. रविंद्र साहू, डॉ. बिजेंद्र सिंह, प्रवक्ता सीमा दहिया, राजेश भड्ड, सुरक्षा अधिकारी बादाम सिंह आदि मौजूद रहे।
ओपीडीके एसी चलाने के भी आदेश
डॉ.जैन ने 6 साल पहले पीजीआई में बनी राष्ट्रीय स्तर की आेपीडी के एसी नहीं चलने पर बिजली अधिकारियों की क्लास लगा दी। उन्हाेंने कहा कि अगर गर्मियों से पहले ओपीडी के एसी चालू नहीं हुए, तो बिजली विभाग को माफी नहीं मिलेगी।
रोहतक. पीजीआई की ओपीडी में औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को हिदायत देते कार्यवाहक कुलपति डॉ. वीके जैन।
बार-बार हिदायत देने के बाद भी पीजीआई के डॉक्टर अपनी हरकतों से बाज नहीं रहे। चंद लापरवाह पीजी स्टूडेंट के कारण पीजीआई के डॉक्टर बदनाम हो रहे हैं। ओपीडी में औचक निरीक्षण के दौरान डॉ. जैन को कई डॉक्टर बिना एप्रन पहने मरीजों की जांच करते मिले। ये देख वह गुस्से से लाल-पीले हो गए। उन्होंने कहा, \\\"तुम्हारा एप्रन कहां है? बिना एप्रन पहने यहां बैठने में शर्म नहीं आती। आखिरकार तुम एक डॉक्टर हो। अपनी जिम्मेदारी कब समझोगे?\\\' इस पर दोनों ही पीजी स्टूडेंट अपना सिर झुकाए सॉरी ही बोलते रहे।
डॉक्टरों को फटकार, मरीजों को आस
ओपीडी में अधिकारियों की भीड़भाड़ देख मरीजों की भीड़ निरीक्षण टीम के पीछे-पीछे परिसर में घुमती रही। इस दौरान व्यवस्थाओं को लेकर जब डॉ. जैन ने डॉक्टरों को फटकार लगाई तो मरीजों के चेहरे पर राहत की आस नजर आई। पहली बार अधिकारी से संतोषजनक रवैया देख हर कोई डॉ. जैन की तारीफ करने में लगा रहा। उपचिकित्सा अधीक्षक डॉ. रविंद्र साहू को निर्देश देते हुए ड