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नौकरानी से 3 लाख के जेवरात और 13 हजार नकदी मिली
‘घरका भेदी लंका ढाए’ वाली कहावत उस समय चरितार्थ हो गई, जब सेक्टर चार में प्राचार्य सुभाष चंद्र के मकान में चोरी के मामले में पुलिस ने डेढ़ माह पहले काम छोड़ने वाली नौकरानी सुशीला पति सुशील को धर दबोचा। दोनों से चोरी किए गए 3 लाख के जेवरात बेचने के लिए बाजार में जा रहे थे। रविवार को पुलिस उन्हें अदालत में पेश करेगी।
...औरपुलिस के जाल में फंस गई सुशीला
थानाप्रभारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि मकान मालिक सुभाष चंद्र ने पूछताछ में अपना शक घर की नौकरानी पर जताया था। इस पर पुलिस ने सुशीला से पूछताछ की, लेकिन वह वारदात से इनकार करती रही। साथ ही मकान की तलाशी ली तो जेवरात नहीं मिले। यहां पर पुलिस ने उसे यह कहकर छोड़ दिया कि उसका तो वारदात के पीछे हाथ नहीं है। ऐसे में आगे तंग नहीं करेंगे, लेकिन महिला पुलिसकर्मी को उस पर नजर रखने की हिदायत दी। पुलिस की यही थ्यूरी काम कर गई। शनिवार शाम पुलिस को भनक लगी कि सुशीला पति सुशील के साथ एक थैला लेकर बाजार में जा रहे हैं। सेक्टर तीन-चार की पुलिया पर जांच टीम ने दोनों को धर दबोचा। तलाशी ली तो थैले के अंदर एक गलसरी, सोने का कड़ा, दो चैन, एक पैंडल, चार अंगूठी, सोने के चार जोड़ी झुमके, तगड़ी, हथफूल चांदी के सिक्के तथा 13 हजार 600 रुपए की नकदी मिली।
यूं की वारदात
पूछताछमें सुशीला ने पुलिस को बताया कि उसे पता था कि मकान मालिक सुभाष उनकी प|ी सुबह ड्यूटी पर चले जाते हैं और चाबी नजदीक पत्थर के नीचे रखते हैं। साथ ही अलमारी की चाबी अक्सर वहीं पड़ी रहती है। उसने अपने पति सुशील के साथ मिलकर मकान खंगालने की योजना तैयार की। दोनों करीब डेढ़ बजे घर के अंदर ताला खोलकर दाखिल हुए। अंदर चाबी अलमारी में ही लटकी मिली। दोनों ने जेवरात नकदी निकाली और अपने घर में छुपा कर रख दिए। पुलिस ने वारदात के बाद उसके मकान की तलाशी भी ली थी, लेकिन जेवरात हाथ नहीं आए थे।