एमसीआई से करेंगे डॉक्टर की शिकायत
मृतकअंकिता के पिता की गिरफ्तारी से आक्रोशित परिजनों का साथ दे रहे गांव समर-गोपालपुर के पूर्व सरपंच रघुवीर सिंह ने डॉक्टरों और पीजीआई प्रबंधन को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि डॉक्टर जसबीर के खिलाफ एमसीआई में पंजीकरण रद्द करवाने के लिए शिकायत की जाएगी।
बच्ची दो महीने से बीमार थी, लेकिन रीढ़ की हड्डी का जब भी सैंपल लेना होता था तो हमें डॉक्टर जसबीर के होते हुए दूसरे डॉक्टर को बुलाकर लाना पड़ता था। सरपंच ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि म्हारी ही बच्ची मार दी, इब औरां नै भी मारण लागरे सै। ऐसे डॉक्टरोंं के खिलाफ तो कार्रवाई होनी चाहिए, जबकि उनकी जिद को पूरा करने में हर कोई जुटा है। लड़की मरने के बाद हमारे ही लोगों को गिरफ्तार कर दबाव बनाया जा रहा है। गांव शांत बैठा है, इसका मतलब गलत निकाला जाए। ग्रामीण आमजन को तंग नहीं करना चाहते। डॉक्टरो की तरह हम भी जिद पर अड़ गए तो भारी पड़ेगा। डॉक्टर ने फर्जी एमएलआर कटवाई और वही बाद में पर्चा दर्ज करवा रहा है। हमारी शिकायत पर आज तक कोई सुनवाई नहीं की गई। शिकायत तो हमने भी दी थी, ऐसे में मामला दर्ज किया जाना चाहिए था, लेकिन हर कोई दबाव की भाषा ही मानता है।
राजनीतिकी भेंट चढ़ रहा है पीजीआई
वहींसीनियर डॉक्टरों नाम छापने की शर्त पर कहते हैं कि पीजीआईएमएस में इलाज की ओर कम और अधिकारियों का राजनीति की ओर ज्यादा ध्यान रहता है। हर कोई एक-दूसरे की कुर्सी छीनने में लगा है। इसी का परिणाम है कि इन हालातों में भी कई अधिकारी तो हड़ताल खुलवाने के लिए कभी सामने ही नहीं आए। हर बार की तरह इस बार भी हड़ताल फिर से 100 घंटे से ज्यादा चली। अगस्त 2013 में भी डॉक्टर के साथ मारपीट मामले के बाद भी हड़ताल पांच दिन तक चली थी और स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई थी।
रोहतक. समरगोपालपुर के पूर्व सरपंच रघुबीर सिंह।
रोहतक. हड़तालके दौरान पार्क में ओपीडी लगाकर मरीज को देखते डॉक्टर