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ट्रिपल स्केनिंग से गवाहों की तस्दीक, रोडवेजकर्मियों से भी पूछताछ
15 किलोमीटर बाद जाकर मारपीट के लिए मजबूर हुई थी लड़कियां
घर आकर दे रहे धमकी, आईजी से मांगी सुरक्षा
बसमें छात्राओं से कथित छेड़छाड़ मारपीट के मामले की जांच अभी पूरी भी नहीं हुई थी कि पुलिस प्रशासन पर ही सवाल उठने लगे हैं। सोमवार को पीड़ित लड़की आरती पूजा ने आईजी एसपी के नाम पत्र लिखकर पूछा है कि जब अभियुक्तों ने उन्हें बस से बाहर फेंका दिया था, फिर भी केस में हत्या के प्रयास की धारा 307 क्यों नहीं लगाई गई। जबकि जांच अधिकारी एएसआई देवी रानी ने उनका मेडिकल भी कराया था, जिसमें चोट भी आई है। केस की एसआईटी से कराई जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके। पीड़ित लड़कियों ने राष्ट्रीय महिला आयोग को भी पत्र की कॉपी भेजी है। दोपहर बाद वे मीडिया से बातचीत कर रही थी।
आरती पूजा ने बताया कि साढ़े 12 बजे वे बस अड्डे पर पहुंची। आरोपी कुलदीप मोहित आए और पूजा की ओर कागज के टुकड़े पर अपना मोबाइल नंबर लिखकर फेंका। जब नहीं उठाया तो कहने लगे कि तुम्हारी औकात नहीं हैं। गालियां दी। इसके बाद दूसरी बस में सीट नंबर 15 16 पर बैठ गई। बाद में बताया गया कि सीट नंबर कैंसिल हो गए हैं। बस के अंदर कुलदीप मोहित दोनों बहनों को भद्दी भद्दी गालियां देते रहे। एक महिला के कहने पर वे चुपचाप बैठी रही, लेकिन कुलदीप ने पूजा के कंधे पर हाथ रख दिया। इस बारे में कंडक्टर से कहा तो उन्होंने आरोपी लड़कों को आगे खड़ा होने के लिए कहा। आगे जाकर भी लड़के लगातार उनकी हूटिंग करते रहे। भालौठ बस अड्डे पर तीसरा साथी दीपक गया और कहा कि कौन सी लड़कियां हैं। तीनों पाकस्मा अड्डे तक करते रहे। विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी।
चौकीदारके कहने पर लड़कियों ने जुटाई हिम्मत
पूजाने बताया कि लड़कों ने आरती को स्टेपनी के पास फेंक दिया। उसने बचाव के लिए बेल्ट निकालकर मारना शुरू कर दिया, लेकिन जीडी गोयनका स्कूल के पास मोहित बस से नीचे कूद गया और कुलदीप दीपक ने दोनों बहनों को नीचे फेंक दिया। इसके बाद दोनों बहनों को पीटना शुरू कर दिया। बचाव में उसने ईंट उठा ली। इसी बीच स्कूल का चौकीदार गया और कहा कि बेटी ये डंडा लेकर लड़कों का मुकाबला करें। आरोपी कुलदीप नजदीक गन्ने के खेत में जा घुसा। इसके बाद आरती ने बस के पास गई।
नियम सबके लिए बराबर
ट्रैफिकथाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह ने बताया कि नियम सबके लिए बराबर हैं। ट्रैफिक नियमों के