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श्रीराम का चरित्र आदर्श का अनुकरण से होगा कल्याण : आत्रेय

7 वर्ष पहले
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निर्माणाधीनश्री बाला जी डोभ धाम में शनिवार को नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का प्रारंभ कलश शोभायात्रा से हुआ। इस अवसर पर मानस प्रवचन के दौरान कथा व्यास पं. राधेश्याम आत्रेय ने कहा कि भगवान राम का चरित्र आदर्श है। उनके पद चिह्नों पर चलकर मनुष्य जीवन में खुशहाली ला सकता है।

श्री बाला जी धाम में रामकथा के उपलक्ष्य पर सुबह निकाली गई कलश शोभायात्रा ने डोभ गांव का भ्रमण किया। उसके बाद वापस मंदिर परिसर में आकर उसका समापन हुआ। शोभायात्रा में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु महिला पुरुषों ने भागीदारी की। महिलाएं सिर पर कलश रखे भजन कीर्तन करती हुई चल रही थीं।

दोपहर 12 बजे राम कथा का आरंभ हुआ। व्यास पं. राधेश्याम आत्रेय ने गणेश पूजन के बाद कथा प्रारंभ की। उन्होंने सती की कथा सुनाई। बताया कि भगवान शंकर का कहना मानने का परिणाम सती का भुगतना पड़ा। उन्होंने श्रीराम को साधारण मनुष्य समझने की गलती की तो उन्हें जीवन भर परेशान होना पड़ा। सती ने झूठ बोलकर बड़ी भूल की। बाद में उन्हें पिता दक्ष द्वारा कराई यज्ञ में भस्म होने को परिणाम भुगतना पड़ा। व्यक्ति को जीवन में झूठ से बचना चाहिए।

यह सब चरित्र में दोष पैदा करते हैं। इस अवसर पर श्री बाला जी सेवा मंडल के प्रधान पुरुषोत्तम दास बंसल, विनोद गुप्ता, रमेश गुप्ता, अमित सैनी, धर्मपाल राेहिला, नरेंद्र, रविंद्र राठी, अनिल चौधरी आदि ने विशेष सहयोग किया।

बाला जी डोभ धाम में श्री रामकथा के उपलक्ष्य में कलश यात्रा निकालती श्रद्धालु