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10 किलो का पिट्ठू ले 100 किमी दौड़ेगा फौजी

7 वर्ष पहले
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तीनवर्ष पहले दोस्त से मिली प्रेरणा ने असंभव से लक्ष्य तक पहुंचने की जिद पैदा कर दी। लिहाजा फौजी श्रीओम ने 36 की उम्र में 10 किग्रा पिट्ठू लेकर 100 किलोमीटर की दूरी 22 घंटे में पूरी करने का संकल्प ले लिया।

एक माह से प्रतिदिन 60 किमी दौड़ की प्रैक्टिस का इम्तिहान आज है। जब लाखनमाजरा के आर्यन पब्लिक स्कूल से दोपहर 2 बजे अपने लक्ष्य की शुरुआत करेंगे, तो दुनिया की नजरें उन पर टिकी होंगी।

एनएसजीमें भी रहे तैनात

लाखनमाजरानिवासी श्रीओम 1999 में असम राइफल दीमापुर नागालैंड फौज में भर्ती हुए। नवंबर 2003 से दिसंबर 2009 तक नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) में रहते हुए नरेंद्र मोदी, मायावती, फारुख अब्दुल्ला, राजनाथ सिंह, एमएस बीटा जैसी शख्सियत के गार्ड रह चुके हैं।

फिलहाल मणिपुर में तैनात हैं। बचपन से ही स्पोर्ट्स मैन रहे श्रीओम कराटे में तीन बार नेशनल चैंपियन रहे। इंटरनेशनल ब्लैक बेल्ट सेकंड डन होने के साथ ही उन्होंने एशियन कप में ब्राउंज मेडल भी अपने नाम किया।

रूट तय, कोच की निगरानी में होगी दौड़

श्रीओमने यह रिकाॅर्ड बनाने के लिए परमिशन मांगी तो पहले इंकार कर दिया गया। हालांकि बाद में इजाजत मिल गई। उपायुक्त रोहतक की पहल पर जिला खेल अधिकारी ओमपती ने कोच कृष्ण एवं सीनियर सेकेंडरी स्कूल मुढाल के प्रिंसिपल शमशेर की निगरानी में श्रीओम को दौड़ने की इजाजत दे दी। लाखनमाजरा से शुरुआत करने कर श्रीओम जुलाना वाया गोहाना रोहतक पहुंचेंगे। उसके बाद रोहतक से लाखनमाजरा पहुंचकर 100 किमी पूरा करेंगे।

यह है पिछला रिकॉर्ड

लिम्काबुक ऑफ रिकाॅर्ड के गुड़गांव कार्यालय में संपर्क करने पर बताया गया कि अब तक 10 किग्रा पिट्ठू के साथ 100 किमी का रिकार्डधारी कोई नहीं है। 5 किग्रा वजन के साथ 150 किमी 33 घंटे में दौड़ने का रिकॉर्ड दर्ज है।

14 घंटे में 80 किमी दूरी तय कर पुख्ता की दावेदारी

एकमाह से प्रतिदिन दस किलो पिट्ठू के साथ लाखनमाजरा से रोहतक और भगवतीपुर से लाखनमाजरा के बीच 60 किमी की दौड़ लगाकर तैयारी की है। 7 दिसंबर के दिन श्रीओम ने मात्र 14 घंटे में ही 80 किलोमीटर दौड़ लगाकर दावेदारी और पुख्ता कर ली। उनका दावा है कि वे 18 घंटे में ही 100 किमी दौड़ पूरा करने का लक्ष्य बनाकर चल रहे हैं। घर में पिता आजाद सिंह, मां विमला देवी, प|ी गीतारानी और पुत्र अमन राठी श्रीओम की कामयाबी की द