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अविष्कार, रोजगार के साथ सामाजिक सरोकार

7 वर्ष पहले
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छात्र नए डिजाइन तैयार कर शिल्पकारों को देंगे लाइफ स्टाइल एसेसरीज

प्रतिभा को नया विजन देकर अंतर्राष्ट्रीय बाजार में लाए जाएंगे प्रोडक्ट

छात्रों में आत्मविश्वास, शिल्पकारों को रोजगार की थीम पर प्लानिंग


अविष्कार, रोजगार के साथ सामाजिक सरोकार

पैदा होगी कुछ अलग करने की ललक

विविके नए प्रोजेक्ट को लेकर पूरी तरह उत्साहित हूं। विभाग ने हस्तकला क्षेत्र में काम करने का नया जज्बा दिया है। हमारे प्रोडक्ट सिर्फ संस्थान की शोभा बढ़ाकर मार्केट में आएंगे तो मनोबल बढ़ने के साथ-साथ कुछ नया करने की ललक पैदा होगी और छात्रों का भविष्य भी संवरेगा। इस क्षेत्र में रोजगार भी बढ़ेंगे।

-भूमिकापूनिया, छात्रा

सारी कवायद के बाद तैयार प्रोडक्ट्स को सीधे तौर पर बाजार में उतारकर लोगों में उनकी लोकप्रियता जानने के लिए पहले उन्हें क्राफ्ट फेयर में लाया जाएगा। जो प्रोडक्ट सबसे ज्यादा सराहे जाएंगे उन पर और भी ज्यादा बारीकी से काम करने के बाद ही उन्हें मार्केट में लांच किया जाएगा।

लाइफ स्टाइल एसेसरीज डिजाइन विभाग के इस प्रोजेक्ट से विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े शिल्पकार लाभान्वित होंगे। इसमें रूरल क्राफ्ट के तहत मॉड्यूल को डेवलप कर उन्हें मॉडर्न लुक दिया जाएगा। सिलाई-कढ़ाई-बुनाई के अलावा मूढ़े, लैदर क्राफ्ट वुड कार्विंग क्षेत्र के शिल्पकारों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

नए कलाकार पैदा करने के साथ-साथ विवि का एक मकसद सोशल रिस्पांसबिलिटी निभाकर लुप्त होते जा रहे शिल्पकारों को संरक्षण और बढ़ावा देना भी है। शिल्प क्षेत्र में नए अविष्कार के साथ-साथ विवि प्राचीन शिल्पकारों को रोजगार मुहैया कराने मॉडर्न टेक्नोलॉजी से जोड़ने का काम भी करेगा।

एनसीडीपीडी का लेंगे सहारा

छात्रोंद्वारा बनाए नए डिजाइन को शिल्पकारों से तैयार कराने के बाद जो प्रोडक्ट तैयार होंगे उन्हें बाजार में लाने के लिए नेशनल काउंसिल फॉर डिजाइन एंड प्रोजेक्ट डेवलपमेंट की मदद ली जाएगी। इसके जरिए कंपनियों से करार करने के बाद प्रोडक्ट्स को लोगों के बीच लाया जाएगा।

इनक्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन

यूंतो इस नए कांसेप्ट से हरियाणा में विभिन्न क्राफ्ट से जुड़े शिल्पकार लाभांवित होंगे, लेकिन विशेष लाभांवित क्षेत्रों की बात करें तो यह स्पेशलाइजेशन पर निर्भर होगा। इसके तहत कॉपर से जुड़े नए प्रोडक्ट तैयार करने पर रेवाड़ी पलवल, सिलाई-कढ़ाई-बुनाई क्षेत्र में रोहतक, भिवानी, झज्जर तथा सरकंडों के मॉडर्न मॉडल तैयार होने पर झज्जर हिसार वाली बेल्ट लाभांवित होगी। लैदर क्राफ्ट क्षेत्र में आधुनिक प्रोडक्ट्स आने से लोहारू, महेंद्रगढ़, नारनौल के शिल्पक