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अभियान के छह दिन बाद भी पीजीआई में नहीं हटा कचरा

7 वर्ष पहले
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नईसरकार का स्वच्छ हरियाणा अभियान राज्य भर में जोरों पर है। पिछले 6 दिनों से अस्पताल के अधिकारी और डॉक्टर साफ-सफाई करने में जुटे हैं। बावजूद इसके कचरे के ढेर लगे हैं। ईएनटी ऑपरेशन थियेटर के नीचे बगीचे में हजारों बोतलों का ढेर डॉक्टरों की अनदेखी का नतीजा है।

ग्लूकोज की बोतलों के अलावा यहां इंजेक्शन, दवाएं सहित अन्य जैविक कचरा भी पड़ा है। बता दें कि कॉलेज ऑफ फॉर्मेसी के ग्लूकोज वितरण कक्ष से मरीजों को बोतलें उपलब्ध कराई जाती हैं। उपयोग होने के बाद इन बोतलों को कक्ष के नीचे बगीचे में एकत्रित किया जाता है। इसके बाद इकट्ठे कचरे को ट्रक से बाहर भेज दिया जाता है, लेकिन ऐसे में सवाल यह है कि जब हेल्थ विवि सहित अस्पताल भर में सफाई अभियान चल रहा है, तो फिर इस खतरनाक कचरे का सफाया क्यों नहीं होता?

वार्डसाफ, लेकिन बगीचे कर दिए गंदे

स्वच्छताअभियान के तहत अस्पताल में साफ-सफाई तो कर दी, लेकिन परिसर के बगीचों को गंदा कर दिया। वार्ड से लेकर इमरजेंसी ओपीडी तक हर जगह डॉक्टरों ने झाडू लगा दी, लेकिन कचरा पीछे बगीचों में फेंक दिया। वार्ड क्रमांक 4, 5, 6 10 के आसपास नीचे बगीचों में ये कचरा दूर से ही दिखाई देता है। यहीं नहीं कई स्थानों पर कचरे के अलावा काली पॉलीथिन में भरा जैविक कचरा भी पड़ा है।

हटाया जाएगा कचरा

ग्लूकोजकी बोतलों को एक जगह इकट्ठा किया जाता है। इसके बाद इस कचरे को बाहर भेजते हैं। बोतलें ऊपर से फेंकी जाती हैं, ताकि उनका दोबारा उपयोग हो सके। फिलहाल जल्द ही इस कचरे को हटा दिया जाएगा। -डॉ. चांद सिंह ढुल, निदेशक,पीजीआई।

अधिकारी के आगे गंभीरता दिखाते डॉक्टर

अभियान के शुरुआती दिन से ही साफ-सफाई की जांच करने निदेशक डॉ. ढुल टीम के साथ दौरा करते हैं। निरीक्षण के दौरान खामियां मिलने के कारण कई बार उन्होंने डॉक्टरों को फटकार भी लगाई है। बुधवार को निरीक्षण के दौरान डॉ. ढुल ने डॉक्टरों को हिदायत दी थी कि वार्ड के पीछे कचरा फेंके। इनके बाद भी कचरे की हेराफेरी जारी है।

रोहतक. ग्लूकोजयूनिट के नीचे बगीचे में पड़ी ग्लूकोज की हजारों खाली बोतलें।