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अपनों ने ही खोला विद्युत निगम के खिलाफ मोर्चा कोर्ट जाने की तैयारी

7 वर्ष पहले
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मनमानेतरीके से मीटर रीडिंग का तीन गुना बिजली बिल भेजे जाने से खफा 132 केवीए पावर हाउस कॉलोनी खोखरा कोट निवासी बिजली निगम के अधिकारियों कर्मचारियों ने सब डिवीजन नंबर 3 के एसडीओ पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। साथ ही समस्या का समाधान नहीं होने पर कोर्ट में जाने का सामूहिक निर्णय लिया है।

कॉलोनी में एसडीओ, जेई, फोरमैन समेत 38 अधिकारियों कर्मचारियों के आवास हैं। जिन्हें एबीसी केबिल द्वारा विद्युत आपूर्ति की जाती है। काॅलोनी में इंट्री होते ही सिंगल प्वाइंट मीटर विभाग द्वारा लगाया है, जिसमें सामूहिक रूप से कॉलोनी में प्रति माह खर्च होने वाली बिजली यूनिट का रिकार्ड दर्ज होता है। इसी क्रम में हर कोठी क्वार्टर के लिए अलग-अलग से मीटर लगाए गए हैं। इन्हें 4 अथवा 20 की संख्या में पिलर बॉक्स पर एक साथ लगाए गया है। ऊपर से बाॅक्स की चाबी मीटर रीडिंग करने वाले कर्मचारी को सौंपी गई है। ऐसे में कॉलोनी वासियों द्वारा बिजली चोरी किए जाने का सवाल ही नहीं उठता।

समस्या की असली वजह सिंगल प्वाइंट मीटर की गलत रीडिंग है। दरअसल सितंबर महीने में औसत मीटर रीडिंग से 17000 यूनिट और अक्टूबर माह में 35000 यूनिट ज्यादा दर्ज हुई है। इसकी खपत को पचाने के लिए विभाग की ओर से मीटर रीडिंग से तीन गुना बिजली बिल बनाकर भेजा जा रहा है। यह खेल तीन महीने से लगातार जारी है। शिकायत करने पर उच्च अधिकारी समस्या को नजरंदाज कर रहे हैं।

एकमाह का भेज रहे मैनुअल बिल

पहलेबिजली बिल की रीडिंग चंडीगढ़ से रही थी। अब स्थानीय स्तर पर यह कार्य किया जा रहा है। वह भी दो महीने की बजाए एक माह की हाथ से लिखी हुई रसीद उपभोक्ताओं को भेजा गया है। यह सिलसिला भी तीन माह से जारी है। इसके चलते उपभोक्ताओं को हर महीने बिल भरने के लिए कार्यालय का चक्कर लगाना मजबूरी हो गई है।

मैनुअलमें आया अक्टूबर का बिल

असिस्टेंटएक्जीक्यूटिव इंजीनियर सुखपाल ने बताया कि उनका सितंबर में 4114 रुपए का बिल आया था। कोशिश के बाद जब कम नहीं हुआ तो उसको भरना पड़ा। हालांकि अक्टूबर में राहत वाली खबर मिली और मैनुअल 3534 रुपए का बिल विभाग ने भेज दिया। उन्होंने कहा मीटर रीडिंग और बिल के मामले में सब कुछ गड़बड़ चल रही है। अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। मसलन 185 यूनिट मीटर रीडिंग का बिल 10847 रुपए भेजा गया है, जबकि इसे 1500 रुपए के आसपास होना चाहिए।