आओ आर्यों! पुन: वेद की ओर लौटें
आओआर्यों ! पुन: वेदों की ओर लौटो, ताकि ऋषि का स्वप्न साकार हो सके। यह आह्वान दयानंद मठ में रविवार को आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के प्रांतीय महासम्मेलन मंच से किया गया। इस मौके पर राष्ट्र रक्षा, राष्ट्र भाषा और पाखंड-खंडन पर गहन विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम के अंतिम सत्र में हुए गोरक्षा सम्मेलन में गोवंश संरक्षण, संवर्द्धन के साथ ही 7 सूत्री मांग-पत्र प्रदेश कृषि मंत्री को सौंपा गया, जिसमें गोवंश तस्करी रोकने, गोसेवा आयोग में 250 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान करने, प्रति गाय अनुदान, गोवंश तस्करी रोकने आदि की वकालत की गई है।
राष्ट्रीयताके लिए सबकुछ न्यौछावर करने की अपील
राष्ट्ररक्षा राष्ट्र भाषा सम्मेलन में राष्ट्रीयता को देशवासियों के लिए सर्वोपरि बताते हुए सर्वस्व न्योछावर करने के लिए तैयार रहने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि सभ्यता-संस्कृति को सशक्त बनाने के लिए सामूहिक पहल भी करनी होगी। भाषा के सवाल पर कहा गया कि बिना राष्ट्र भाषा के देश की कोई पहचान नहीं होती है। विश्व स्तर पर अपनी सशक्त भूमिका के लिए प्रामाणिक रूप में राष्ट्र की एक भाषा होनी चाहिए।
लोगोंको रहना होगा सावधान
मुख्यवक्ता डॉ. धर्मवीर कार्यकारी अध्यक्ष परोपकारिणी सभा अजमेर ने भी पाखंडियों पर बोले की पाखंड फैलाने वाले समाज के हितैषी नहीं हो सकते हैं। लोगों को उनकी करतूत से हमेशा सावधान रहना होगा। अध्यक्षता सभा प्रधान आचार्य विजय पाल ने की। उन्होंने पाखंड उन्मूलन का लोगों को संकल्प दिलाया। संयोजक धर्मदेव विद्यार्थी तथा पं. रामनिवास आर्य रहे।
शिक्षामंत्री राम बिलास शर्मा ने संस्कृत के प्रचार-प्रचार पर जोर दिया। कहा कि वे संस्कृत भाषा के लिए विशेष कदम उठाएंगे। आचार्य बलदेव ने कहा कि वेदों के ओर लौटकर हम भविष्य को और सुदृढ़ कर सकते हैं। मुख्य वक्ता सुरेश चंद्र अग्रवाल उप प्रधान सार्वदेशिक सभा नई दिल्ली, श्रीप्रकाश आर्य मंत्री सार्वदेशिक सभा, डॉ. राजेंद्र विद्यालंकार, विनय आर्य आचार्य सनत कुमार ने राष्ट्र भाषा के संवर्द्धन के लिए सरकारी और निजी स्तर पर प्रयास जरूरी बताया। अध्यक्षता आचार्य बलदेव ने की। संयोजक सभा मंत्री रामपाल आर्य एवं भजनोपदेशक अंजलि रहीं। इस मौके पर एमडीएच के मालिक धर्मपाल ने वेद प्रचार रथ को आर्य जनता को समर्पित किया।
गोवंश की रक्षा संवर्द्धन के बिना नहीं
गोरक्षासम्मेलन की अध्यक्षता आचार्य योगेंद्र आर्य ने की। इस दौरान मुख्य अतिथि कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने गोवंश के संवर्द्धन पर जोर दिया। कहा कि गोवंश की रक्षा संवर्द्धन के बिना नहीं की जा सकती है। आज गोशालाओं की बजाए गायों को घर-घर पहुंचाने की जरूरत है। साथ ही गाय के दुग्ध उत्पाद की मार्केेटिंग होनी चाहिए। बिना इसके प्रतिस्पर्धा के दौर में हम पिछड़ जाएंगे। मुख्य वक्ता आचार्य देवव्रत आजाद सिंह, कन्हैया लाल आर्य, कुलवीर रहे। भजनोपदेशक रोकी मित्तल तथा संयोजक आचार्य सर्वमित्र थे।
पाखंड समाज के लिए घातक
महासम्मेलनदयानंद मठ की यज्ञशाला में यज्ञ के साथ प्रारंभ हुआ। जिसके ब्रह्मा सत्यवीर शास्त्री, संयोजक अाचार्य यशपाल आर्य तथा बहन सुमित्रा, दया आर्या सुशील आर्य यजमान रहे। पहले चरण में पाखंड-खंडन सम्मेलन हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. सुरेंद्र कुमार कुलपति गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय हरिद्वार ने समाज में फैले पाखंड को समाज के लिए घातक बताया। कहा कि पाखंड के विभिन्न स्वरूपों की सच्चाई उनके सामने रखनी होगी, ताकि भविष्य में कोई भ्रम पैदा हो अन्यथा चिंंतनधारा प्रभावित होगी।
रोहतक। गोहानारोड स्थित दयानंद मठ में आयोजित प्रांतीय आर्य महासम्मलेन के दौरान शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा को सम्मानित करते आचार्य योगेंद्र मंच पर मौजूद कृषि मंत्री ओपी धनकड़, आचार्य बलदेव ,विधायक मनीष ग्रोवर आचार्य विजयपाल आचार्य देव व्रत अन्य पदाधिकारीगण
पाखंड खंडन, राष्ट्र रक्षा राष्ट्रभाषा एवं गोरक्षा सम्मेलन में प्रदेश भर से जुटे आर्यसमाजी