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मांगें नहीं मानी तो 10 को डीसी कार्यालय पर धरना

6 वर्ष पहले
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हरियाणा कर्मचारी महासंघ की कार्यकारिणी की सभा जिला प्रधान जोगिन्द्र बल्हारा की अध्यक्षता में बुलाई गई। इसमें सरकार द्वारा आश्वासन दिया गया कि एक महीने के बाद हरियाणा कर्मचारी महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी के साथ बातचीत की जाएगी कर्मचारियों की मांगों के हल के लिए एक कमेटी गठित की जाएगी, जिस पर सरकार ने अभी तक कोई फैसला नहीं किया है।

कर्मचारियों की जायज मांगें जैसे कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, छठे वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करना, वर्कलोड के हिसाब से नये पदों का सर्जन करके नियमित कर्मचारियों की भर्ती करना, पंजाब की तर्ज पर वेतनमान लागू करना, निजीकरण पर रोक लगाना, आंगनवाड़ी वर्करों सहायकों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना, एक्स ग्रेसिया नीति को पुन: बहाल किया जाए, पुलिस विभाग की तरह बिजली विभाग परिवहन विभाग के कर्मचारियों को रिस्क भत्ता दिया जाए , पुरानी पैंशन नीति लागू की जाए आदि पर सरकार ने आश्वासन दिया था।

परन्तु एक महीने से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी सरकार द्वारा कोई भी उचित कार्यवाही नहीं की गई है जिस कारण कर्मचारी वर्ग में भारी रोष पनप रहा है जिसके कारण प्रांतीय कार्यकारिणी के फैसले के अनुसार 10 फरवरी को रोहतक में जिला डीसी कार्यालय पर धरना देने का फैसला लिया गया।

10 फरवरी को सुबह दस बजे डीसी कार्यालय पर ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचकर अपने हकों की लड़ाई की आवाज को बुलंद करे। आज की इस सभा में जिला प्रधान जोगिन्द्र बल्हारा, जिला सचिव बिजेंद्र गुलिया, वरिष्ठ उपप्रधान रामनिवास, विवेक भारती, भुपेंद्र भाटला, सुरेन्द्र, रामचन्द्र, जयनारायण, जोगिन्द्र कृषि विभाग, विजेन्द्र भाटिया, रणवीर अहलावत, राजेश हुड्डा, सुरेन्द्र नहरा, आदि कर्मचारी नेताओं ने भाग लिया।