जावा टेक्नोलॉजी संवार सकती है कॅरियर
रोहतक एमडीयूके कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशन विभाग में गुरुवार को जावा टेक्नोलॉजी को लेकर कार्यशाला हुई। इसमें लिओ इंफो टेक्नोलॉजी, दिल्ली के वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक हरिओम कौशिक ने बताया कि कंप्यूटर और इंटरनेट के हर क्षेत्र में जावा टेक्नोलॉजी में महारत हासिल कर विद्यार्थी बेहतर कॅरियर बना सकते हैं। इस अवसर पर लिओ इंफो टेक्नोलॉजी के अधिकारियों ने एमसीए-फाइनल वर्ष के विद्यार्थियों की ट्रेनिंग और प्लेसमेंट के लिए परीक्षा भी ली। इस दौरान विभाग के अध्यक्ष प्रो. राजेन्द्र सिंह छिल्लर ने बताया कि रोजाना तकनीकों में नए बदलाव रहे हैं। इनके बारे में जानकारी अपडेट करनी होगी। प्राध्यापक एवं विभाग के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट अधिकारी डॉ. संदीप दलाल ने कार्यशाला का समन्वयन किया। इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. नसीब सिंह गिल सहित अन्य प्राध्यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
क्याहै जावा टेक्नोलॉजी : जावाएक प्रोग्रामिंग भाषा है। यह भाषा अपना अधिकांश वाक्य विन्यास (सिंटेक्स) सी और सी से प्राप्त करती है, लेकिन इसके पास एक सरल ऑब्जेक्ट मॉडल और कुछ निम्न स्तर की सुविधाएं मौजूद हैं। जावा के प्रयोगों को विशिष्ट रूप से बाइटकोड (क्लास फाइल) के लिए संकलित किया जाता है। इसे किसी भी कंप्यूटर आर्किटेक्चर वाले किसी भी जावा वर्चुअल मशीन पर चालू किया जा सकता है। इसे सन माइक्रोसिस्टम्स के जेम्स गोसलिंग द्वारा विकसित किया गया 1995 में इसे सन माइक्रोसिस्टम्स के जावा प्लेटफार्म के एक मुख्य अवयव के रूप में रिलीज किया गया।