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वर्कलोड और स्टाइपेंड मिलने से तनाव, बीच में ही छोड़ा कोर्स

7 वर्ष पहले
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सेंटरऑफ एक्सीलेंस में शामिल प्रदेश का एकमात्र राज्य मानसिक स्वास्थ्य संस्थान खुद ही तनाव झेल रहा है। संस्थान में एमफिल इन सोशल वर्क कोर्स करने वाले पांच विद्यार्थियों ने कोर्स को बीच में ही छोड़ दिया है।

कोर्स छोड़ने वाले विद्यार्थियों में किसी ने पांच महीने तक पढ़ाई की तो किसी ने नौ महीने तक। एमफिल क्लीनिकल साइकोलॉजी की छात्रा के आत्महत्या करने से नाराज इन छात्रों ने गुरुवार को संस्थान की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसे लेकर खुद प्रबंधन भी हैरान है, लेकिन गुणवत्ता से समझौता करने की बात कहकर मामले पर लीपापोती की जा रही है। एमफिल सोशल वर्क का कोर्स छोड़ने वाले विद्यार्थियों में कुलदीप यादव, कुलदीप सैनी, नेहा, रजनीश बहादुरगढ़ सुधीर महेंद्रगढ़ शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कोर्स की शुरुआत में ही एक लड़का लड़की कोर्स छोड़ चुके थे।

गुरुवारको नहीं भरी सीट

राज्यमानसिक स्वास्थ्य संस्थान में गुरुवार को भी क्लीनिकल साइकोलॉजी और साइकेट्रिक की सीटों पर काउंसलिंग की गई, लेकिन यहां पर क्लीनिकल साइकोलॉजी की आठ सीटों के लिए 5 बच्चों ने फार्म भरा। इनमें से मात्र 4 अभ्यर्थी ही काउंसलिंग के लिए पहुंचे। उनमें से भी 2 का परीक्षा परिणाम नहीं आया है। वहीं दो ने काउंसलिंग में शिरकत की।

मौतबनी रहस्य, नहीं लगा कोई सुराग

एमडीयूछात्रावास में बुधवार को छात्रा द्वारा की गई खुदकुशी के कारणों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। मृतका के परिजनों ने पुलिस को बताया कि छात्रा घर से आते समय तो कोई दिक्कत नहीं थी। पुलिस ने गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम करवाया। एसपी ने जांच का जिम्मा साइबर सेल को सौंप दिया है। मोबाइल फोन लैपटॉप से जानकारी जुटाई जा रही है।

कोर्स छोड़ने वालों ने किया खुलासा

^कोर्स छोड़ चुकी छात्रा नेहा का कहना है कि हमारे साथ कोर्स के दौरान काफी कड़ा व्यवहार किया जाता था। सुबह आने का तो समय होता था, लेकिन घर जाने का समय ही नहीं पता होता था। देर शाम तक काम में ही लगाए रखते थे। हेल्प करने की बजाय डांटते थे।

महेंद्रगढ़ के कुलदीप कहते हैं कि उसने 16 हजार रुपए फीस भरकर दाखिला लिया था। सोचा था कि थोड़ी आर्थिक मदद मिलेगी तो रोहतक में रहने का खर्च भी निकल जाएगा। हमने स्टाइपेंड के लिए हड़ताल भी की और कुलपति को ज्ञापन भी सौंपा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई।

^कोर्स छोड़ चुके