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अब पीजीआई में मरीज से छेड़छाड़

7 वर्ष पहले
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प्रदेशके सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआईएमएस में दाखिल महिला मरीज सुरक्षित नहीं हैं। वार्ड नंबर 12 में दाखिल एक लावारिस महिला मरीज से सामाजिक संस्था के कर्मचारी द्वारा कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। घटना 8 दिसंबर की रात की है। संस्था के प्रधान विजय खुराना ने आरोपी अटेंडेंट को बर्खास्त कर दिया है।

गुरुवार रात पीजीआई प्रबंधन को भनक लगी कि आठ दिसंबर को वार्ड-12 में डा. राकेश गुप्ता की यूनिट में एक 30 वर्षीय लावारिस महिला दाखिल थी, जिसके साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई। निदेशक चांद सिंह ढुल ने तत्काल उस रात ड्यूटी पर तैनात नर्स से रिपोर्ट मांगी। बकौल निदेशक नर्स ने बताया कि रात को वार्ड के अंदर तीन लावारिस महिला मरीज थीं। दो महिलाओं की देखभाल की जिम्मेदारी हरिओम सेवा दल एक की महादेव संस्था की थी। महादेव संस्था की ओर से लगाया अटेंड रात को हरिओम सेवा दल के अटेंड को यह कहकर चला गया कि उसे जरूरी काम है। रात को उसके मरीज का भी ध्यान रखना। रात सवा 11 बजे अचानक वार्ड के अंदर एक लावारिस महिला मरीज की चीख सुनाई दी। बताया जाता है कि एक युवक महिला मरीज को चुप कराने के लिए उसके मुंह पर हाथ रखे हुए था। मौके पर भीड़ जमा हो गई। ड्यूटी पर तैनात नर्स ने हरिओम सेवादल के कर्मचारियों को बुलाया। मामला प्रधान विजय खुराना तक पहुंचा। तत्काल आरोपी को युवक को बर्खास्त कर दिया गया।

महिला मरीज की देखभाल के लिए पुरुष तैनात क्यों?

पीजीआई में लावारिस महिलाओं की देखभाल के लिए सामाजिक संस्थाओं द्वारा पुरुष अटेंड रखे हुए हैं। हरिओम सेवा दल के पास मात्र एक महिला अटेंडेंट है। जबकि उस रात दो लावारिस महिला मरीज एक ही वार्ड में दाखिल रही। इस पर पीजीआई निदेशक चांद सिंह ढुल का कहना है कि व्यवस्था पर मंथन किया जा रहा है। जल्द ही कोई समाधान निकाला जाएगा।

मामले की जांच होगी: निदेशक

^आठदिसंबर को ड्यूटी पर तैनात नर्स से रिपोर्ट ली है, जिसने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की है। साथ ही उप-चिकित्सा अधीक्षक डा. रवींद्र साहू को मामले की जांच के लिए भेजा है। हरिओम सेवा दल के पदाधिकारियों को भी सख्त हिदायत दी है कि इस तरह की घटना दोबारा होने पाए। सभी अटेंडेंट की आईडी जमा कराने के निर्देश दिए हैं। -डा.चांद सिंह ढुल, निदेशकपीजीआई।

सवाल : आपनेआठ दिसंबर को संस्था के एक अटेंडेंट को बर्खास्त कर दिया।

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