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40 मिनट दिल्ली रोड किया जाम

7 वर्ष पहले
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अलसुबह तीन बजे से कांपते रहे बच्चे बुजुर्ग

आधारकार्ड के लिए जाड़े की रात में तीन बजे से ही लाइन में लगने वालों का वीरवार को सब्र टूटा तो दिल्ली रोड स्थित अशाेका चौक पर चक्काजाम कर दिया। वे सब आला अफसरों के बुलाने की मांग पर अड़ गए। 40 मिनट बाद पहुंचे पुलिस बल एवं सिविल लाइंस थानाध्यक्ष ने किसी तरह समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। इस दौरान जाम लगने से यात्रियों को मुश्किल झेलनी पड़ी।

अशोका कॉम्प्लेक्स में आधार कार्ड बनाने की एजेंसी है। यहां पर प्रतिदिन आधार कार्ड बनवाने के लिए भीड़ लगी रहती हैै। सरकार द्वारा आधार कार्ड अनिवार्य किए जाने से एक सप्ताह से कार्ड बनवाने के लिए मारामारी मची है। एक दिन में 80 से सौ लोगों का कार्ड बन पाने के कारण लोग रात से ही जुटने लगते हैं। मंगलवार-बुधवार की रात 3 बजे से ही अशोका कॉम्प्लेक्स के बरामदे में भीड़ जुटनी शुरू हो गई। शहर की विभिन्न कॉलोनियों के अलावा दूर-दराज से महिलाएं, बच्चे बुजुर्ग पहुंचे, लेकिन शटर बंद होने के बावजूद सुबह 7 बजे ही पहले हम की तर्ज पर धक्कामुक्की होने लगी, जो बुजुर्गों बच्चों के लिए आफत बन गई। भीड़ में दबने से कई बच्चे रोने-चीखने लगे। उन्हें बचाने की कोशिश करते अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में उपस्थित लोगों ने मिलकर शटर को झकझोरना शुरू कर दिया। पहले आए नागरिक अपना नंबर पीछे जाता देखकर बगल वालों से उलझ पड़े। उनकी दलील थी कि पहले वे आएं हैं। आधार कार्ड भी पहले उनका ही बनेगा।

^तीन दिन से आधार कार्ड बनवाने के लिए चक्कर काट रही हूं। सुबह से शाम हो जाती है, लेकिन नंबर नहीं आता। रात को सवा चार बजे यहां आई तो कार्ड बनने की उम्मीद जगी, परंतु सुबह तक हालात और बदतर हो गए। -कृष्णा,हरिसिंहकॉलोनी।

^रात को जब हम तीन बुजुर्गों बच्चों के साथ अशोका कॉम्प्लेक्स पहुंचे तो रात के पौने तीन बजे थे। बच्चों को किसी तरह सुला दिया। चार बजे ठंड बढ़ी तो बच्चे कांपने लगे। बुजुर्गों का भी बुरा हाल था। -बबिता,सुनारिया।

^अपने दोनों बच्चों के साथ रात में 3 बजे से यहां डटी हूं। पांचवां नंबर होने के बावजूद पीछे धकेल दिया गया है। भीड़ से बचाने में शाल नीचे गिर गई। ठंड से शरीर अकड़ने लगा है। -होशियारीदेवी, पटवापुर।

^डिपो धारक ने बोल दिया कि कार्ड के बिना पेंशन मिलेगी और ही राशन। मजबूरन 3:30 बजे रात में ही साथ यहां आना पड़ा।