3 भाइयों, मां सहित 7 को आजीवन कारावास
स्कारपियो छीनने का मामला
बीएडके बाद नौकरी नहीं मिली तो करौंथा का युवक गांव में शिक्षा की अलग जगाने के लिए मुफ्त में ट्यूशन पढ़ाने लगा। इस दौरान ही गली में शौचालय बनाकर अवैध कब्जा कर रहे दबंगों को रोका तो उसकी जघन्य तरीके से हत्या कर दी गई।
मंगलवार को जिला अदालत ने एक ही परिवार के सात लोगों को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाकर समाज में संदेश दिया है कि कानून जिंदा है। सजा पाने वालों में तीन सगे भाई करौंथा निवासी राजेश, संदीप, काला उनकी मां बिमला, धर्मेंद्र उसकी प|ी बबीता और परिवार की महिला कमलेश शामिल है। एडीजे सरिता गुप्ता की अदालत ने दोषियों पर 27-27 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना भरने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। मामले के अनुसार 47 वर्षीय जसबीर सिंह ने जुलाई 2012 में सदर पुलिस को बयान दर्ज करवाया था कि उसने बीएड कर रखी है, लेकिन नौकरी मिलने के कारण घर पर रहकर गांव के बच्चों को मुफ्त में ट्यूशन पढ़ाता है। उसके मकान के सामने पड़ोसी गली के अंदर शौचालय बना रहे थे, जिसका उसने केवल विरोध किया, बल्कि आरटीआई लगाकर प्रशासन से कार्रवाई का ब्यौरा मांगा। इस कारण परिवार उससे रंजिश रखे हुए था। 1 जुलाई को छुट्टी का दिन होने के कारण वह अपने आंगन में बच्चों को ट्यूशन पढ़ा रहा था। तभी आरोपी पक्ष के लोग आए और उसे पीटना शुरू कर दिया। आरोपी उसे पकड़ कर अपने मकान में बने कमरे में ले गए। जहां पहले जमकर पीटा। इसके बाद उसके दोनों हाथ खिड़की से बांध दिए। चीख-पुकार सुनकर परिवार के लोग गए। आरोपियों ने उन पर भी ईंटों से हमला कर दिया। इसके बाद उसके भाई राजबीर ने उसे मुक्त कराया। कुछ दिन पीजीआई में इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तभी से जिला अदालत में सुनवाई चल रही थी। मंगलवार को एडीजे सरिता गुप्ता की अदालत ने सातों आरोपियों को कठोर आजीवन कारावास जुर्माने की सजा सुनाई है।
बलियाना के युवक उसके दोस्त को 7-7 साल कैद
रोहतक|दोसाल पहले हरिद्वार जाने के बहाने खेड़ी साध के युवक जितेंद्र की स्कारपियो छीनने के मामले में एडीजे सरिता गुप्ता की अदालत ने बलियाना गांव के युवक सोनू उर्फ जख्मी उसके साथी अनिल को सात-सात साल कैद 8-8 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना भरने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है। मामले के