आखिरी मौका है, फिर मत कहना नहीं दी कार
13दिन पहले की बात है। टीवी पर एक कार्यक्रम में चेहरा पहचानो प्रतियोगिता चल रही थी। एक आसान से सवाल का जवाब देने वाले विनर को लाखों के पुरस्कार देने का दावा किया जा रहा था।
सवाल बेहद आसान था और इनाम बड़ा, इसलिए बेटे ने भी प्रयास किया और उनके दिए नंबर पर कॉल कर आंसर दे दिया। सिर्फ कॉल करने का गुनाह हुआ था, जिसे आज तक भुगत रहे हैं। उन्होंने इनाम में सफारी निकलने की बात कह सिक्योरिटी जमा कराने की बात कही। हमने कई बार मना कर दिया, फिर भी पीछा नहीं छोड़ रहे। रामगोपाल कॉलोनी निवासी सुनील देवी ने उक्त बातों का जिक्र करते हुए डीसी कार्यालय में शिकायत दी है।
अमिताभबच्चन का चेहरा पहचानना था
सुनीलदेवी का कहना है कि 23 नवंबर को एक चैनल पर चेहरा पहचानो प्रतियोगिता चल रही थी। एक सेलेब्रिटी का चेहरा पहचानना था। अमिताभ बच्चन का चेहरा ब्लर करके दिखाया जा रहा था, जिसे रोबिन ने पहचान कर कॉल करके जवाब दे दिया।
पहलेरिस्पांस नहीं, फिर पीछे पड़ गए : सुनीलका कहना है कि 23 नवंबर को रोबिन ने परिणाम जानने के लिए कॉल की, लेकिन रिस्पांस नहीं मिला। तीन दिन बाद कॉल आई कि लकी विनर के तौर पर सफारी कार निकली है।
एसबीआई का अकाउंट देकर साढ़े 12 हजार रुपए सिक्योरिटी जमा कराने की बात कही। रिश्तेदारों ने उक्त मामले को फर्जीवाड़ा बताया, जिसके बाद उन्होंने इनाम लेने से इनकार दिया, लेकिन इसके बाद भी दिन-रात फोन करके उन्हें परेशान किया जा रहा है।
दे दिया टाटा कंपनी का पता
प्रामाणिकताके सवाल पर जमशेदपुर स्थित टाटा कंपनी का पता लिखाते हुए कहा कि जाकर चेक कर लो, आपके नाम से सफारी बुक हो चुकी है। एक बार कहा कि आखिरी मौका है, सिक्योरिटी भेजकर गिफ्ट ले लो, बाद में क्लेम मत करना कि कार नहीं दी। सुनील के अनुसार उन्हें अब तक आधा दर्जन अकाउंट नंबर दिए जा चुके हैं। मना करने पर कसम खाते हैं। उन्होंने कार के बदले में 15 लाख कैश लेने का ऑफर भी दिया, लेकिन इसके बदले में भी पैसे जमा कराने की बात कही। फर्जीवाड़े की फोन कॉल से परेशान सुनील देवी ने डीसी कार्यालय में शिकायत देकर उक्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सुनील देवी।