रोहतक. इस वर्ष के मांगलिक कार्यक्रमों का मुहूर्त फिलहाल बीत गया है। अब शादी समारोह अगले वर्ष ही होंगे। वर्ष 2014 में 15 दिसंबर तक तो शुक्र की बाल्यावस्था है। इस दौरान शुभ योग विवाह के मुहूर्त नहीं हैं।
16 दिसंबर से एक माह के लिए धनु संक्रांति मलमास लग जाएगा। ऐसे में अब अगले वर्ष जनवरी से ही विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू हो पाएंगे। इसके बाद 13 जून तक वैवाहिक मुहूर्त की कोई कमी नहीं है। देवउठनी एकादशी से मांगलिक कार्यों पर लगी रोक हटने के बाद से अब सावा सीजन की धूम अंतिम पड़ाव पर है। इन दिनों शनिवार एवं रविवार को अच्छे मुहूर्त की वजह से लगन कर्कश है। ज्योतिषाचार्य पं. मनसुख लाल एवं पं. संदीप पाठक के अनुसार 14 जून से 16 जुलाई तक अधिमास होने और 17 जुलाई से कर्क संक्रांति लगने के कारण विवाह के मूहूर्त नहीं होंगे, जबकि 27 जुलाई को देव शयनी एकादशी से चतुर्मास लगेगा। ऐसे में फिर नवंबर से विवाह मुहूर्त शुरू होंगे।
2015 के शुभ मुहूर्त
जनवरी: 16, 18, 21, 24, 25, 29, फरवरी : 8, 10, 15, 26, 27
मार्च : 3, 4, 8, 9, 10,12, अप्रैल : 21, 22, 27, 28, 30
मई : 1,5, 7, 8, 9, 14, 15, 19, 20, 24, 25, 27, 28, 30, 31
जून : 2, 3, 4, 5, 6, 10, 11, 12, 13,
नवंबर : 22, 26, 27
दिसंबर : 4, 7, 13, 14
नववर्ष में 16 जनवरी से शुरू होंगे सावे समारोह।