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कभी रिंग तो कभी मशीन नहीं, नतीजा खुले मेनहोल

7 वर्ष पहले
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कैलाशकॉलोनी गली नंबर 7 में खुले मेनहोल के ढ़क्कन दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। इस कॉलोनी के लगभग सभी मेनहोल के ढक्कन टूटे पड़े हैं। लोगों ने अपनी सुरक्षा के लिए खुद खुले पड़े मेनहोल के ढक्कन पर पत्थर रखा है। लोगों का कहना है कि कई बार इसकी शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

कभीरिंग नहीं तो कभी मशीन :लोगों का कहना है कि पिछले एक माह में करीब 25 बार फोन पर शिकायत करने पर कर्मचारी दो बार देखने आए। पहली बार कहा कि मेनहोल का रिंग नहीं है और दूसरी बार कहा कि पत्थर काटने की मशीन नहीं है। इसके बाद से अब तक कोई देखने नहीं आया। इसकी शिकायत ठेकेदार से भी की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की।

कई बार बच्चे गिरने से बचे

लोगोंने बताया कि रात के अंधेरे में कई बाइक सवार खुले मेनहोल के ढक्कन से चोटिल हुए है। यही नहीं, आसपास के बच्चे भी कई बार गिरने से बचे हैं। इसके बाद वहां के लोगों ने उस पर पत्थर के टुकड़े रखे, ताकि बच्चों को गिरने से बचाया जा सके।

^मुखत्यारी ने बताया कि मेनहोल में ढक्कन टूट कर गिरने से वह अक्सर जाम हो जाता है। जिससे उसका गंदा पानी सड़क पर बहने लगता है और लोगों को आने-जाने में दिक्कत होती है।

^राहुल का कहना है कि एक माह हो गया है। कभी कोई बहाना तो कभी कोई। एक बार मैं खुद खुले मेनहोल के कारण बाइक से गिरने से बचा हूं।

^विजय कुमार का कहना है कि घर के ठीक बाहर के मेनहोल का ढ़क्कन टूटा पड़ा है। एक दिन मेरा बच्चा उसमें गिरने से बचा है।

^नीतू का कहना है कि कॉलोनी के एक नहीं, सभी मेनहोल का यही हाल है। महीनों हो गए है शिकायत करते हुए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।

रोहतक. नयेबस स्टैंड स्थित कैलाश काॅलोनी के निवासी गली में टूटे हुए सीवर के मेन हाॅल को दिखाते हुए।