दिल आपका है, जरा संभालकर रखें
दिलबेहद नाजुक, लेकिन शरीर का एक अहम अंग है। इंसान के जिंदा होने का सबूत उसकी धड़कन है। मर्ज और दर्द उसके लिए दाेनों घातक हैं। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक विश्व के करीब 20 करोड़ लोग हृदय रोगी से पीड़ित हैं, जिनकी संख्या 2020 तक बढ़कर 80 करोड़ होने का अनुमान है। जीवनशैली में आया बदलाव इसका मुख्य कारण बताया जा रहा है। आज विश्व हृदय दिवस है। लिहाजा आइए हम दिल का ख्याल रखने और उसकी तंदरुस्ती का संकल्प लेंे।
दोतरह से आता है दिल का दौरा : हार्टअटैक यानी दिल का दौरा दो तरह से आता है। पहला वो जिन्हें दर्द के साथ अटैक आता है। इसमें मरीज को अस्पताल पहुंचकर उपचार का मौका मिल जाता है। दूसरी ओर बिना दर्द के ही अटैक आता है।
^दिल का रोग सर्दी-जुकाम की बीमारी नहीं है। जो दवा लिया और ठीक हो गए। वन्स हार्ट पेशेंट इज लाइफ लॉन्ग हार्ट पेशेंट यानी एक बार दिल का रोग होने पर जीवन भर देखभाल करनी पड़ती है। फेस्टिव सीजन में पटाखों की धमक वाले स्थानों में जाने से दिल के रोगी परहेज करें। सर्दियों के मौसम में गरम चीजों का सेवन करें। गरम खाना खाएं अौर ठंडे पानी से नहाने से परहेज करें। साथ ही धूल, धुंआ और हिल स्टेशन पर जाने भी टालें। डाॅ.अनुज बिश्नोई, हार्टस्पेशलिस्ट सिविल अस्पताल।
ये है पेसमेकर, स्टैंट बाईपास सर्जरी
कईबारअटैक के बाद मरीज के दिल की धड़कन कम हाे जाती है। ऐसी दशा में पेसमेकर लगाया जाता है।
हार्टअटैकके बाद मरीज की एंजियोग्राफी की जांच में यदि एक या दो नसें ब्लाक पाई जाती हैं तो स्प्रिंगनुमा छल्ला(स्टैंट) लगाकर इलाज किया जाता है। इसे स्टैंट कहा जाता है।
ऐसे बचें
अधिकवसायुक्तभोजन, तले पदार्थ, गाढ़ा दूध, मांसाहारी भोजन का इस्तेमाल करें।
शराब,कोल्डड्रिंक्स पीएं फास्ट फूड खाएं।
डिब्बाबंद,पैकेट बंद खाद्य सामग्री, गरिष्ठ और बासी भोजन लें।
प्रतिदिनरोजानाआधा घंटा सैर पर निकलें।
40साल सेऊपर की उम्र वाले लोग दो साल में एक बार कोलेस्ट्रॉल की जांच अवश्य कराएं।
ऐसे पहचानें
हार्टअटैकमें सीने में बायी ओर अचानक तेज दर्द।
कभी-कभीदर्दसीने या फिर बांह से होता कमर में उतरना।
मरीजकेशरीर में तेजी से पसीना आना।
अत्यधिकसांसफूलना या थकावट महसूस करना।
शरीरमेंसूजन होना।
बच्चों में नीलापन।