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पीजीआई में डाॅक्टर दूसरे दिन भी हड़ताल पर| ड्यूटी में बाधा जान से मारने की धमकी का केस दर्ज िबना इलाज मरीज की मौत, डॉक्टर गिरफ्तारी पर अड़े

7 वर्ष पहले
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जच्चा-बच्चा वार्ड : संक्रमणकी नहीं किसी को चिंता

आपातकालीन वार्ड : नएमरीजों को भर्ती करने से किया इनकार

पीजीआईमें शुक्रवार को सोनीपत की बच्ची अंकिता की मौत के बाद डॉक्टर पर हुए हमले के विरोध में हड़ताल पर गए रेजिडेंट डॉक्टर शनिवार को दिनभर केवल हड़ताल पर रहे, बल्कि मारपीट करने वालों की गिरफ्तारी होने तक हड़ताल जारी करने का निर्णय लिया। अब रविवार को दोबारा डॉक्टरों की बैठक होगी, जिसमें गिरफ्तारी होने पर हड़ताल जारी रखने या खत्म करने पर निर्णय लिया जाएगा।

सुबह होते ही मरीज पीजीअाई पहुंचे लेकिन हालात देख भटकते नजर अाए। भिवानी निवासी ओम प्रकाश को पेट में दर्द की शिकायत पर शनिवार की दोपहर 1:30 बजे पीजीआई एमएस लाया गया। पर्ची कटवाने के बाद इमरजेंसी के बाहर उसे लिटाकर डॉक्टरों की सिफारिश परिजन करते रहे, लेकिन उनकी फरियाद किसी ने नहीं सुनी। पीजीआई लाने के बाद भी समय से इलाज नहीं मिला और दर्द से तड़पते हुए ओम प्रकाश की दिन में 2:44 बजे मौत हो गई। इससे पहले पीजीआई थाने में पुलिस ने डॉक्टर जसबीर के बयान पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट, सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज कर लिया। उधर, डॉक्टरों की हड़ताल से दिनभर मरीज पीजीआई में भटकते रहे। उनकी फरियाद सुनने वाला कोई नहीं था। जैसे-तैसे भर्ती मरीजों की तीमारदारी का इंतजाम किया गया, लेकिन हड़ताल के बहाने नए मरीजों को भर्ती करने से ही मना कर दिया गया। इसको लेकर परिजनों में बेहद आक्रोश रहा। इससे पहले शनिवार की सुबह 9:30 बजे हड़ताल पर गए डॉक्टरों ने पीजीआई के विजय पार्क में बैठक हुई। बातचीत के बाद शाम को दोबारा बैठक करने का निर्णय लिया गया। देर शाम हुई बैठक में डॉक्टरों ने सर्व सम्मति से फैसला लिया कि जब हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती है तब तक डॉक्टर काम नहीं लौटेंगे। इस बाबत पीजीआई के डायरेक्टर को सूचित कर दिया गया है। रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. वरुण ने बताया कि हड़ताल का फैसला सामूहिक है। डॉक्टरों पर पहले भी हमले होते रहे हैं, लेकिन कभी भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। इस बार डॉक्टर झुकने काे तैयार नहीं है।

वार्ड नं. 2 में हालात कुछ यूं नजर आया।

आपातकालीन वार्ड में डाॅक्टरों का इंतजार करते मरीज।

विजय पार्क में हड़ताल पर बैठे डॉक्टर।