क्या है नेशनल कैंसर कंट्रोल प्रोगाम
क्षेत्रीय कैंसर संस्थान दूसरे प्रदेशों के मरीजों के लिए भी कारगर:सांगवान
पंडितभगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय कैंसर संस्थान द्वारा आयोजित की गई दो दिवसीय एनजेडएआरओआईकोन 2014 कॉन्फ्रेंस का आयोजन शनिवार को नए लेक्चर थियेटर मे किया गया। कॉन्फ्रेंस के दौरान बीएचके सुपर स्पेशिएलिटी, न्यू दिल्ली के डॉ. हुक्कू ने बताया कि साइबर नाइफ रेडिएशन देने की नई टेक्नॉलजी है। इसमें रेडिएशन 1 से 5 दिन में खत्म कर देती है। जो आमतौर दूसरे तकनीकों के द्वारा दिए गए रेडिएशन से कम है। यह बेहद सुरक्षित है। इसका प्रयोग लंग कैंसर, ब्रेन ट्यूमर, लीवर पेनक्रियाज के कैंसर आदि में काम आती है।
कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ कुलपति डॉ. एसएस सांगवान, प्रतिकुलपति डॉ.वीके जैन, निदेशक डॉ. चांद सिंह ढुल, कुलसचिव डॉ. सरला हुड्डा, डॉ रमेश बी. एआरओआई के अध्यक्ष, डॉ. एमसी पंत इलेक्ट अध्यक्ष एआरओआई, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक चौहान ने किया। इस अवसर पर एनजेडएआरओआईकोन के सोविनियर का भी विमोचन किया गया। डॉ.बीपी दास को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान किया गया।
इस अवसर पर कुलपति डॉ. सांगवान ने कहा कि क्षेत्रीय कैंसर संस्थान हरियाणा के कैंसर के मरीजों ही नहीं बल्कि आसपास के प्रदेश के मरीजों के लिए भी कारगर साबित होगा। विदेश से आए डॉ. अजय सुंधू ने लंग कैंसर इन रेडियेशन थैरेपी, पीजीआईएमईआर से आए डॉ. राकेश कपूर ने इम्यूनोथैरेपी के बारे मे बताया। इस मौके पर डॉ. विवेक कौशल, डॉ. राजीव अत्री, डॉ. अनिल ढुल, डॉ. प्रदीप खन्ना मौजूद रहे।
चीफ नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, एआईआरसीएच एम्स दिल्ली के प्रो. जीके रथ ने नेशनल कैंसर कंट्रोल प्रोगाम जो सरकार द्वारा चलाई जा रही है के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा हमारे देश में करीब 320 कैंसर सेंटर है। सरकार इन सभी केंद्रों को सामान खरीदने के लिए पैसा देती है। उन्होंने बताया कि एक लाख की आबादी पर 1 रेडिएशन मशीन होनी चाहिए, जो की नहीं है। अभी 12 सौ मशीन और चाहिए।
पीजीआई में आयोजित कॉन्फ्रेंस में पुस्तिका का विमोचन करते वीसी डॉ.एसएस सांगवान , निदेशक डॉ. सीएस ढुल अन्य।