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जिले की 183 में से 76 शिकायतों का निपटारा

6 वर्ष पहले
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भाजपासरकार द्वारा जिला मुख्यालयों पर आम जनता की शिकायतों का निवारण करने के लिए स्थापित की गई सीएम विंडो के सकारात्मक परिणाम आने शुरू हो गए हैं।

जिले में सीएम विंडो के माध्यम से कुछ ऐसे मामलों का निपटारा हुआ है, जिनके लिए शिकायतकर्ता पिछले काफी समय से परेशान रहे। डीसी शेखर विद्यार्थी ने बताया कि सीएम विंडो स्थापित होने के बाद से लेकर 9 फरवरी तक कुल 762 शिकायतें दर्ज की गई है, जिनमें जिला से संबंधित 183 शिकायतें हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से 76 शिकायतों को निपटारा किया जा चुका है और 107 शिकायतों पर कार्यवाही जारी है। हर नागरिक को अपनी समस्या या शिकायत का निवारण करने के लिए चंडीगढ़ जाने अथवा मुख्यमंत्री से सीधा पर्क करने की आवश्यकता नहीं है और वे सीएम विंडो पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। सीएम विंडो पर आने वाली शिकायत की स्थिति की ऑनलाइन एसएमएस द्वारा जानकारी दी जाती है।

पुत्रवधुका हो गया पीएचडी में दाखिला: माॅडलटाउन के मकान नंबर 1006 चौधरी लेन निवासी रामकिशन राणा ने बताया कि मुरथल विश्वविद्यालय सोनीपत में अपनी पुत्रवधु को पीएचडी में दाखिला दिलाने के लिए आवेदन किया था और वह इस दाखिले के लिए जून 2014 से विश्वविद्यालय के चक्कर लगा रहा था, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। राणा के अनुसार उनकी पुत्रवधु मैरिट लिस्ट में पहले स्थान पर होने के बावजूद भी दाखिला नहीं किया जा रहा था। 29 दिसंबर 2014 को सीएम विंडो के माध्यम से मुख्यमंत्री को अपनी शिकायत भेजी थी। इस शिकायत पर कार्यवाही होने पर 26 जनवरी को उनकी पुत्रवधु को विश्वविद्यालय से फोन आया और संदेश दिया कि 29 जनवरी 2015 तक दाखिले के लिए फीस जमा करा दी जाए। अगर सीएम विंडो होती तो शायद उनकी पुत्रवधु का पीएचडी में दाखिला नहीं हो पाता।

डीसीकी अधिकारियों को दो टूक: डीसीशेखर विद्यार्थी ने दो टूक शब्दों में कहा कि सीएम विंडो की शिकायतों में कोताही बरतने वाले अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे और ऐसे अधिकारियों का ब्योरा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव को प्रेषित कर दिया जाएगा। इसमें कोई चौकाने वाली बात नहीं होगी कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल स्वयं शिकायतकर्ता संबंधित अधिकारी से सीधा संपर्क स्थापित कर सकते हैं।

सुसाइड नहीं, पति की हत्या हुई, सीएम विंडो पर शिकायत

पुलिसप्रशासन पर सवालिया निशान खड़े करते हुए एक विधवा ने अपने पति के लिए इंसाफ मांगा है। मंगलवार को सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराते हुए विधवा सुशीला देवी ने बताया कि 6 नवंबर 2014 को उसके पति साधुराम का शव अर्बन स्टेट थाने की पुलिस को सनसिटी के पास खेत में मिला था। पुलिस को साधुराम का शव सिर कटा मिला था। शिकायतकर्ता का कहना है कि उस समय पुलिस ने उसके बुजुर्ग ससुर को बहलाकर मामले को सुसाइड में तब्दील कर दिया, जबकि उसके पति की हत्या की गई है। सुशीला का कहना है कि कोई भी व्यक्ति अपनी गर्दन काट आत्महत्या नहीं कर सकता। उसका आरोप है कि घटना के बाद से अभी तक पुलिस ने साधुराम का मोबाइल फोन भी परिजनों को वापस नहीं किया है। इस मामले की जांच के लिए सुशीला ने एसपी आईजी को भी पत्र लिख इंसाफ मांगा। लेकिन परिणाम सिफर ही रहे। इसके बाद वह मुख्यमंत्री से शिकायत करने के लिए विंडो पर पहुंची। शिकायत पत्र में सुशीला ने मांग की है कि उसके पति का मोबाइल फोन ट्रेस करने उसकी कॉल डिटेल निकलवाने के अलावा अलग से टीम गठित कर पूरे मामले की गंभीरता से पड़ताल कराई जाए।

दिशा केंद्र में सीएम विंडो पर शिकायतों की जांच करते डीसी शेखर विद्यार्थी