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सीबीआई बोली, डेढ़ माह पहले दी रिपोर्ट पुलिस ने कहा-अभी तक नहीं मिली
बस में छेड़छाड़ या सीट विवाद का मामला
रोडवेजबस में छेड़छाड़ मामले में नया मोड़ आया है। सीबीआई लैब में हुए पोलीग्राफ टेस्ट की रिपोर्ट नहीं मिलने का पुलिस का दावा गुरुवार को खोखला साबित हुआ। आरोपी पक्ष के वकील ने आरटीआई के तहत लैब के अधिकारियों द्वारा दिए जवाब को सार्वजनिक किया। अब सवाल यह है कि मामले की सच्चाई उजागर करने वाली रिपोर्ट तो फोरेंसिक लैब के पास है और ही पुलिस के, तो रिपोर्ट गई तो गई कहां। वकील प्रदीप मलिक का कहना है कि फोरेंसिक लैब के अधिकारियों ने एसपी को पोलीग्राफ टेस्ट की रिपोर्ट से अवगत कराने की बात कही है। अब इस बारे में एसपी से मुलाकात करेंगे।
18से 22 दिसंबर के बीच हुआ पोलीग्राफ टेस्ट
छेड़छाड़पीडि़ता बहनों ने दिसंबर माह में कोर्ट में अर्जी लगाई थी कि आरोपियों का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराया जाए। वहीं,आरोपी युवकों के परिजनों ने लड़कियों का टेस्ट होने पर ही लड़कों का टेस्ट कराने की शर्त रखी, जिसे लड़कियों ने मान लिया। दिल्ली की फोरेंसिक लैब में 18 19 दिसंबर को लड़कों तथा 22 दिसंबर को दोनों बहनों का लाई डिटेक्टर टेस्ट हुआ।
कईबार हुई रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
लाईडिटेक्टर टेस्ट के बाद रिपोर्ट सार्वजनिक करने के लिए पीड़ित आरोपी पक्ष कई बार मामले की जांच कर रहे एसआईटी इंचार्ज से लेकर एसपी तक से मिले, लेकिन हर बार यही जवाब मिला कि रिपोर्ट आते ही उसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा। सेना ने मुख्य आरोपी कुलदीप का लिखित परीक्षा का रोल नंबर रोका तो उसके परिजनों ने फिर से पुलिस के सामने रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग रखी। उनका दावा था कि तीनों युवक निर्दोष हैं रिपोर्ट के जरिए सेना में भर्ती की हरी झंडी मिल सकती है। लेकिन पुलिस ने इस बार भी रिपोर्ट आने का हवाला दिया।
नहीं मिली रिपोर्ट
^पोलीग्राफटेस्ट की रिपोर्ट अभी मेरे पास नहीं आई है। जैसे ही रिपोर्ट मिलेगी, उसके बारे में बता दिया जाएगा। -यशपालखटाना, डीएसपी/एसआईटी इंचार्ज
31 दिसंबर को दी जा चुकी रिपोर्ट
गुरुवारको पुलिस के दावों की पोल खुल गई। आरोपी पक्ष के वकील प्रदीप मलिक ने इसके सबूत दिए। उन्होंने आरटी के तहत सीबीआई की फोरेंसिक लैब द्वारा दिया गया जवाब सार्वजनिक की। मलिक ने बताया कि 29 दिसंबर को सीबीआई लैब से आरटीआई के जरिए रिपोर्ट के बारे में सूचना मांगी थी। 4 फरवरी को दिए जवाब में लैब के अधिकारियों ने जवाब दिया कि रिपोर्ट 31 दिसंबर को ही मामले की जांच कर रही टीम को दी जा चुकी है। प्रदीप मलिक ने कहा कि तीनों युवक निर्दोष हैं और पुलिस जानबूझकर रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं कर रही।
फोरेंसिक लैब अधिकारियों ने एसपी को पोलीग्राफ टेस्ट की रिपोर्ट से अवगत कराने की बात कही : आरोपी पक्ष वकील