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संकट मोचन मंदिर में की मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
रोहतक| मातादरवाजा स्थित संकट मोचन मंदिर में गुरुमां गायत्री जी की छत्रछाया में नवरात्र के दूसरे दिन शुक्रवार को भक्तजनों ने मां दुर्गा के दूसरे रूप ब्रह्मा चारिणी मां की पूजा की। भक्तों ने मां का गुणगान कर जगदंबे भवानी से मंगल कामनाएं मांगी, वहीं श्रद्धालुओं द्वारा माता के जयघोष से वातावरण भक्तिमय रहा।
कर्मोंसे संवारता है जीवन : गुरुमां गायत्री
मंदिरकी संचालिका गुरुमां गायत्री ने श्रद्धालुओं को सत्संग में कहा कि कर्मों से ही मनुष्य अपने जीवन को संवार सकता है। उन्होंने कहा कि अगर हम थोड़ा-सा समय परमपिता परमात्मा के लिए निकालते हैं और उन्हें स्मरण करते हैं सत्संग भजन में ध्यान लगाते हैं तो हमें यह अहसास हो जाएगा कि हमारा जन्म इस पृथ्वी पर किस लिए हुआ है।देवी के रुप का गुणगान करते हुए उन्होंने कहा कि ब्रह्मांड को जन्म देने के कारण ही देवी का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी कहलाता है। ब्रह्मा शब्द का रूप तपस्या है। ब्रह्मचारिणी अर्थात तप की चारिणी। इन्हीं के कारण नारी शक्ति को मां का स्थान मिला है और गर्भ धारण के कारण कर शिशु को जन्म देने नींव पड़ी है। इनकी अराधना से सारे संकट दूर होते हैं। मां ब्रह्मचारिणी हमेशा अपने भक्तों की रक्षा करती है।