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रामलीला में पति के सीता बनने पर शरमाई दुल्हन

7 वर्ष पहले
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दवा कंपनी में मैनेजर बंटी शर्मा कुकाराे रामलीला में 8 साल से कर रहे हैं सीता का रोल

रोहतक| चारमाह पहले दुल्हन बनकर आई बिंदिया शुक्रवार को अजीबो गरीब हालात में रही। मौका था गांधी कैंप में आयोजित हो रही रामलीला के सीता स्वयंवर का। जिसमें उसके पति ने सीता का किरदार निभाया। घर में अभिनय की तैयारी करते देख बिंदिया पति से बोली आपको एक महिला किरदार में भला कैसे देखूंगी जी। मुझे तो शर्म आएगी। उसपर सास ज्योति शर्मा ने तपाक से कहा, क्या हुआ टोनी तेरा पति ही तो है। आज उसका अभिनय दिखाने तुझे जरूर ले चलूंगी। इतना सुनते ही घर में ठहाकों का दौर चल पड़ा।यह कहानी गांधी कैंप निवासी टोनी शर्मा के घर की है।

टोनी पिछले आठ साल से कुकारो वाली रामलीला में सीता का किरदार अदा कर रहे हैं। अभिनय की शुरुआत एक मंत्री पात्र से करने वाले टोनी ने डायरेक्टर किशन लाल डंग के सुझाव पर सीता का किरदार किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। उसके बाद से रामलीला में वे सीता का अभिनय जीते रहे हैं। पुरुष होकर एक नारी वह भी सीता जैसी आदर्श पात्र का अभिनय करने की राह में कड़ी चुनौती को स्वीकार किया और कठिन परिश्रम करके खुद में इसके काबिल बनाया।

सीता के रोल में तैयार टोनी शर्मा प|ी बिंदिया के साथ।

काश! पापा अभिनय करते देखते

जाननेवालों की जुबान से उनका टोनी नाम गायब होता गया। आज सभी उसे उसके नाम से नहीं सीता ही बुलाते हैं। बुरा मानने की बजाए टोनी इसे अपना सौभाग्य बताते हैं। व्यावहारिक जीवन में मिली कामयाबी भगवान श्रीराम के साथ नाम जुड़ने का ही चमत्कार है। दादा पिता की प्रेरणा से ही उन्होंने रामलीला मंचन में दिलचस्पी ली। पिता के नाम आते ही टोनी की आंखों में आंसू छलक आए। रुंधे गले से बोले, आज पापा होते तो मुझे अभिनय करता देखकर खुश हो जाते।

रात में रामलीला, दिनभर कंपनी

टोनीशर्मा दस दिन होने वाली रामलीला में कंपनी से छुट्टी नहीं लेते हैं। वे रात में रामलीला के मंचन में भागीदारी करते हैं। सुबह 8 बजते ही कंपनी के लिए रवाना हो जाते हैं। शाम को 5 बजे लौटकर 5:30 बजे तक रिहर्सल के लिए रामलीला ग्राउंड पर होते हैं। रात में 9 बजे वापस रामलीला मैदान जाना होता है। ये दिन उनके लिए अनुष्ठान के हैं, जिसको उपवास रखकर बखूबी निभाते हैं। कैसे निभाता है, के सवाल पर कहा कि सब रामजी की कृपा है।