विपत्तियों पर पाएं संयम से जीत
पं.रामचंद्र पांडेय ने कहा कि भगवान श्रीराम का लीलामृत महाप्रसाद है। इसका मर्म जानने वाला भवसागर पार उतर जाता है। यह आध्यात्मिक उन्नति के साथ ही भौतिक जीवन को संवारने का मुख्य हेतु बनती है। सत्संग का अवसर कभी हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। वे श्री श्री 108 स्वामी प्रभुतानंद महाराज की पुण्य स्मृति में जगदीश कॉलोनी स्थित प्रभुतानंद आश्रम में 45वें वार्षिक महायज्ञ संत सम्मेलन में सोमवार को प्रवचन दे रहे थे। उन्हाेंने बताया कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने मनुष्य के जीवन में आने वाली घटनाओं, परिस्थितियों को संयम पूर्वक पार करने का रास्ता बताया है। उनके पदचिह्नों पर चलकर रामराज्य स्थापित हो सकता है। मतलब लोगों को जीवन की सही दिशा मिल जाएगी। इस अवसर पर श्री भुआ दित्ता जी महाराज, कैलाश आश्रम की संचालिका डॉ. वीना तथा लुधियाना से आई अमिता ने विचार व्यक्त किए।
रोहतक. जगदीशकालोनी स्थित श्री प्रभुतानन्द आश्रम में श्रद्धालुओं को प्रवचन देते कथा वाचक।