बातें हवा, डॉक्टरों ने नहीं पहना एेप्रन
पीजीआईमें प्रो-वीसी के औचक निरीक्षण के बाद डॉक्टर बिना ऐप्रन पहने मरीजों का इलाज करते मिले। वहीं कई डॉक्टर बिना एेप्रन धारण किए वार्ड में ड्यूटी करने जाते देखे गए।
जबकि दो दिन पहले सोमवार को ही अौचक निरीक्षण के दौरान प्रो-वीसी डॉ. वीके जैन ने ऐप्रन को लेकर डॉक्टरों को हिदायत दी थी। लेकिन अस्पताल के डॉक्टरों ने इसे अनसुना कर दिया। खास बात यह है कि डॉ. जैन द्वारा जिन स्थानों का निरीक्षण किया गया, वहीं के हालात जस के तस दिखाई दिए। इससे साफ जाहिर है कि पीजीआई के डॉक्टर अपने अधिकारियों के आदेशों की किस कदर अवेहलना करते हैं।
बता दें कि रविवार को शहर में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के आने के बाद पीजीआई के अधिकारियों की नींद उड़ चुकी है। मंत्री द्वारा अधिकारियों को चेतावनी देने के कारण अस्पताल विवि प्रबंधन में हडकंप मचा है। शायद यही वो कारण है कि मंत्री के ठीक दूसरे दिन प्रो-वीसी पहली बार अस्पताल के औचक निरीक्षण पर निकले। इस दौरान इमरजेंसी विभाग में प्रो-वीसी को कई डॉक्टर बिना एेप्रन पहने मिले। हालांकि इस पर प्रो-वीसी ने नरम रुख अपनाते हुए डॉक्टरों को एेप्रन का महत्व भी बताया।
इमरजेंसी विभाग में दवाओं के रख-रखाव को लेकर निर्देश देने के बाद भी स्थिति नहीं बदली। नर्सों का कहना है कि अलमारियां उपलब्ध नहीं है। जबकि प्रो-वीसी निरीक्षण के दौरान नर्सों को अलमारी के लिए मांग पत्र लिखने की बात कह चुके हैं। फिर भी प्रबंधन को दो दिन तक कोई पत्र नहीं मिल सका। यही नहीं ड्यूटी समय पर आने की सलाह भी अस्पताल के कर्मचारियों ने हवा में उड़ा दी।
अब जरूरत सख्ती बरतने की
^डॉक्टरोंको एेप्रन पहनकर ही मरीजों का इलाज करना चाहिए। निरीक्षण में इसी बात को लेकर हिदायत दी थी, लेकिन फिर भी डॉक्टर एेप्रन नहीं पहन रहे हैं, तो अब सख्ती बरतनी ही पड़ेगी। इस संदर्भ में अन्य अधिकारियों की बैठक लेंगे। साथ ही औचक निरीक्षण फिर से करेंगे। -डॉ. वीके जैन, प्रो-वीसी,हेल्थ विवि
रोहतक. प्रोवीसीडॉ. जैन द्वारा एप्रेन को लेकर हिदायत देने के बाद भी इमरजेंसी विभाग में बिना एप्रेन पहने डॉक्टर मरीज की जांच करते हुए।