18 को जंतर-मंतर पर देंगे धरना
केंद्रसरकार नई परिवहन पॉलिसी के जरिए रोडवेज विभाग को नुकसान पहुंचाने का षडयंत्र रच रहा है जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कर्मचारियों की समस्याओं समेत विभिन्न मुद्दों के समर्थन में 18 दिसंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर सभी राज्यों के ट्रांसपोर्ट कर्मचारी प्रदर्शन करेंगे। साथ ही केंद्रीय परिवहन मंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस आंदोलन में प्रदेश के रोडवेज कर्मचारी भागीदारी करेंगे। रोडवेज कर्मचारी यूनियन हरियाणा संबंधित हरियाणा कर्मचारी संघ की बुधवार को यूनियन मुख्यालय पर बैठक हुई, जिसमें उक्त निर्णय किया गया। इस मौके पर कर्मचारी नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार एक नई परिवहन पॉलिसी लाने की तैयार कर चुकी है, जो रोडवेज विभाग के लिए घातक साबित होगी। इसके तहत निजी परमिट लिए बिना कोई भी प्राइवेट बस ऑपरेटर टैक्स अदा कर अपनी बस पूरे देश में कहीं भी चला सकता है। नए नियम लागू किया गया तो किसी भी दुर्घटना में मृत्यु उपरांत चालक पर एक से पांच लाख रुपए का जुर्माना तथा चार से सात साल की सजा का प्रावधान होगा। इसका सीधा असर रोडवेज विभाग पर पड़ेगा।
संगठन पिछली सरकार के साथ 10 साल से निजीकरण के विरोध में संघर्ष करता रहा है। जरूरत निजीकरण की बजाए प्रदेश की जनता की सहूलियत के लिए 8000 बसें मुहैया कराने की है। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महासचिव वीरेंद्र धनखड़, ओम प्रकाश, पूर्व प्रधान बाबूलाल यादव, जय भगवान बडाला, दीपक बल्हारा, रणबीर शर्मा, पहल सिंह गुज्जर, जोगेंद्र बल्हारा आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता संगठन के प्रदेश प्रधान दलबीर नेहरा, संचालन जगमोहन ने किया।
दलबीर नेहरा, प्रदेश प्रधान