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इज्जत के नाम पर हत्याओं का दौर बंद हो: शुभा

7 वर्ष पहले
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धर्मऔर जातिवाद को लड़कियों पर अंकुश लगाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके जरिये पितृ सत्तात्मक प्रणाली को फिर से स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। यह बात बुधवार को मानवाधिकार दिवस के अवसर पर कवयित्री शुभा ने जनवादी महिला समिति द्वारा आयोजित सेमिनार में कही।

उन्होंने कहा कि लव जेहाद के नाम पर हिंसा फैलाई जा रही है। इज्जत के नाम पर हत्याएं हो रही है। लड़कियों के मोबाइल इस्तेमाल करने, जीन्स पहने, पार्को में घूमने आदि पर रोक लगाने का शोर हो रहा है। छेड़खानी का विरोध करने वाली लड़कियों को दबाने के प्रयास हो रहें हैं। सरकार तक ने पुरस्कार वापिस ले लिए। ऐसे में महिलाओं के अधिकार खतरे में हैं।

इस अवसर पर रोहतक बस प्रकरण की बहनें आरती और पूजा भी मौजूद रहे। पूजा ने कहा कि सामाजिक संगठनों न्यायप्रिय ताकतों के सहयोग से ही वे इस मुश्किल घड़ी से निकल पाई हैं। छेड़खानी से परेशान होकर आत्महत्या करने वाली छात्रा मधु के पिता सुभाष ने भी कार्यक्रम में संबोधित किया। इस मौके पर 16 दिसम्बर को निर्भया कांड की बरसी को महिला हिंसा के विरुद्ध संकल्प दिवस मनाने का फैसला लिया गया। कार्यक्रम में इस मौके पर जिला संरक्षण अधिकारी करमिंदर कौर, हिम्मत की उपाध्यक्ष वीना मलिक, सविता, डीआर चौधरी, महावीर नरवाल, डॉ. आरएस दहिया, संतोष मुदगिल, प्राचार्य वेदप्रकाश श्योराण, पूर्व प्राचार्य महावीर शर्मा, डॉ. संतोष, प्रोफेसर रणसिंह, निपुण सीकरी, धर्मपाल मलिक आदि मौजूद रहे।